header ads

जम्मू कश्मीर में पहली बार फहराएगा तिरंगा जाने इससे जुड़ी रोचक बातें ( spacial independence day 2019 for Jammu kashmir)

जम्मू कश्मीर में पहली बार फहराएगा तिरंगा

आजादी की कभी शाम नही होने देंगे,
 शहीदों की क़ुरबानी बदनाम नही होने देंगे,
बची हो जो एक बूंद भी लहू की, 
तब तक भारत माता का आंचल निलाम नही होंगे देंगे। 
जम्मू कश्मीर में पहली बार फहराएगा तिरंगा जाने इससे जुड़ी रोचक बातें ( spacial independence day 2019 for Jammu kashmir)

कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को जम्मू-कश्मीर में ईद का त्योहार शांति के साथ मना. घाटी से किसी भी तरह की हिंसा या प्रदर्शन की कोई तस्वीर सामने नहीं आई. लेकिन अब सुरक्षाबलों के सामने चुनौती है कि स्वतंत्रता दिवस को भी शांति से मनवाएं और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।  वो भी तब जब 15 अगस्त को लेकर आतंकी हमले का भी अलर्ट है। 

15 अगस्त के मद्देनज़र जम्मू-कश्मीर के प्रशासन ने काफी तैयारी की है, ताकि हर तरह की चुनौती से निपटा जा सके. कश्मीर में ईद किस तरह मनाई गई और 15 अगस्त को लेकर किस तरह की तैयारियां हैं. इन सबसे जुड़े अपडेट यहां पढ़ें। 

    जम्मू-कश्मीर में ईद को देखते हुए धारा 144 में छूट दी गई थी।  बाजार खुले हुए थे, बैंक भी खुले थे और एटीएम में कैश की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी. ईद के अवसर पर मस्जिदों में भारी संख्या में नमाज़ी दिखे. अकेले बारामूला की मस्ज़िद में 10 हजार से अधिक लोगों ने ईद की नमाज़ अदा की. इसके अलावा श्रीनगर, अनंतनाग, पहलगाम, पुलवामा समेत अन्य इलाकों में भी शांति से ईद मनाई गई। 

  ईद के दिन कश्मीर से कई दिल जीतने वाली तस्वीरें भी आई, जहां पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों के साथ ईद मनाई और मस्जिदों में मिठाई भी बांटी। 

  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल अभी भी कश्मीर में ही हैं और वहां के हालात पर नज़र बनाए हुए हैं. ईद के मौके पर उन्होंने स्थानीय पुलिसकर्मी और CRPF जवानों के साथ समय बिताया। 

   15 अगस्त को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है. ईद के बाद एक बार फिर धारा 144 को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है और जो पाबंदियां पहले लागू थीं उन्हें फिर लागू किया गया है। 

    इस तरह की उम्मीद लगाई जा रही है कि 15 अगस्त के बाद सरकार की ओर से धीरे-धीरे कुछ ढील दी जा सकती है. यानी मोबाइल फोन, मोबाइल इंटरनेट, टीवी-केबल की सुविधा में छूट मिल सकती है। 

जम्मू कश्मीर में पहली बार फहराएगा तिरंगा जाने इससे जुड़ी रोचक बातेंजम्मू कश्मीर में पहली बार फहराएगा तिरंगा जाने इससे जुड़ी रोचक बातें

   राज्यपाल सत्यपाल मलिक की तरफ से भी लोगों को भरोसा दिया गया है कि घाटी का माहौल शांत है और किसी तरह की अप्रिय घटना की खबर नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग कश्मीर को लेकर अफवाह फैला रहे हैं, वह यहां पर आकर देख सकते हैं। 

जम्मू-कश्मीर के अलावा दिल्ली-एनसीआर में भी 15 अगस्त को लेकर अलर्ट है. राजधानी दिल्ली में इंडियन मुजाहिद्दीन, अलकायदा और खालिस्तान फोर्स के कुछ वांटेड आतंकियों की तस्वीरें भी चस्पा की गई हैं। 

अनुच्छेद 370, जो 1952 में लागू हुआ, जम्मू-कश्मीर को एक स्वायत्त राज्य होने का अधिकार दिया क्योंकि इसने केंद्र के अधिकार को सिर्फ बाहरी मामलों, रक्षा, वित्त और संचार तक सीमित कर दिया। इस प्रावधान ने जम्मू-कश्मीर को 1965 तक एक मुख्यमंत्री और उसके साथ ही अपने ध्वज और संविधान के स्थान पर राज्यपाल और प्रधानमंत्री के लिए सदर-ए-रियासत रखने की अनुमति दी।

इसके अलावा, धारा 370 को रद्द करने से केंद्र को युद्ध की स्थिति को छोड़कर राज्य में आपातकाल घोषित करने की अनुमति मिल जाएगी। वर्तमान में, केंद्र सरकार को अनुच्छेद 360 के तहत राज्य में वित्तीय आपातकाल की घोषणा करने के लिए राज्य सरकार की सहमति की आवश्यकता है।

संविधान (जम्मू और कश्मीर के लिए आवेदन) आदेश, 2019 के अनुसार, इस विशेष स्थिति के स्थान पर, संविधान के सभी प्रावधान इसलिए लागू होंगे।

Post a Comment

0 Comments