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कमलेश तिवारी की हत्या किसने और क्यों की

कमलेश तिवारी की हत्या किसने और क्यों की


यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के मामले को सुलझाने का दावा किया है. 18 अक्टूबर को यूपी की राजधानी लखनऊ में हुई कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में यूपी पुलिस और गुजरात एटीएस ने सूरत से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इस हत्याकांड के तार गुजरात से जुड़ने के बाद यूपी पुलिस के दो अधिकारी सूरत पहुंचे थे. यूपी और गुजरात पुलिस और एटीएस की तफ्तीश के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

19 अक्टूबर की सुबह उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने इस पूरी वारदात का खुलासा किया. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने कहा-


‘वारदात वाली जगह पर मिठाई का डिब्बा मिलने के बाद इस हत्याकांड के तार सूरत से जुड़े हुए दिखे. यूपी पुलिस की छोटी-छोटी टीमें यूपी के कई जगहों के अलावा गुजरात भेजी गईं. गुजरात एटीएस और यूपी पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पहला नाम है मौलाना मोहसीन शेख सलीम का, जो सूरत में एक साड़ी की दुकान में काम करता है. दूसरा नाम फैजान का है, जो सूरत का ही रहने वाला है और जूते की दुकान पर काम करता है. तीसरा नाम राशिद अहमद का है, जो पेशे से दर्जी है, लेकिन वो कंप्यूटर का जानकार है.’


ANI UP
@ANINewsUP
Uttar Pradesh DGP, OP Singh on #KamleshTiwariMurder: We are working in collaboration with the Gujarat Anti-Terrorism Squad (ATS), till now no link with any terrorist organisation has been established. We will look into all the details and take action. https://twitter.com/ANINewsUP/status/1185436776778723328 …

ANI UP
@ANINewsUP
UP DGP, OP Singh on #KamleshTiwariMurder: 
A joint team of UP & Gujarat Police has detained 3 persons & interrogating them. Their names are Maulana Mohsin Sheikh, Faizan, & Khurshid Ahmed Pathan. Two other accused were also detained but released later, they are being monitored.

यूपी डीजीपी ओपी सिंह के मुताबिक-

‘2015 में कमलेश तिवारी ने पैगंबर मोहम्मद पर जो विवादित बयान दिया था, उसी से नाराज होकर इन्होंने कमलेश तिवारी की हत्या कर दी. अभी तक की जांच में इनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है. हत्याकांड की प्लानिंग की थी राशिद अहमद पठान ने. हत्या के लिए उकसाया मौलाना मोहसिन शेख सलीम ने. और सूरत की दुकान से मिठाई खरीदी थी फैजान ने. इसके अलावा दो और संदिग्ध फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.’

जनपद लखनऊ के थाना नाका अंतर्गत हुई कमलेश तिवारी की हत्या की घटना के संबंध में पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा दी गयी । 

दूसरी और गिरफ्तारियों के बारे में यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया-

‘गुजरात एटीएस और यूपी पुलिस ने दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. इनमें से एक तो राशिद का भाई ही था, जिसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है. इसके अलावा सूरत के ही रहने वाले गौरव तिवारी से भी पूछताछ की गई है. गौरव तिवारी ने कुछ दिन पहले कमलेश को फोन किया था और कहा था कि हिंदू समाज पार्टी में शामिल होकर सूरत में काम करना चाहता है. दोनों के बीच क्या बात हुई इसका पता नहीं है. गौरव को भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है.’

इसके अलावा यूपी पुलिस ने बिजनौर से दो और लोगों मौलाना अनवारुल हक और मुफ्ती नईम काजमी को गिरफ्तार किया है. अनवारूल हक ने ही साल 2015 में कमलेश तिवारी का सर कलम करने वाले को 51 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. इसके अलावा मौलाना नईम कासनी ने कमलेश तिवारी की हत्या करने वाले को करोड़ों रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. कमलेश तिवारी की हत्या में इन्हीं दोनों के खिलाफ नामज़द एफआईआर हुई थी. डीजीपी के मुताबिक पुलिस और कई बिंदुओं पर इस मामले की तहकीकात में जुटी है.

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