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इंडोनेशिया / बच्चों को चूजे और पौधे बांटे जा रहे ताकि वह स्मार्टफोन छोड़ कर उनकी देखभाल में व्यस्त रहें

इंडोनेशिया / बच्चों को चूजे और पौधे बांटे जा रहे ताकि वह स्मार्टफोन छोड़ कर उनकी देखभाल में व्यस्त रहें

बांडुंग शहर में बच्चों को चूजे दिए गए।



बांडुंग शहर में बच्चों को स्मार्टफोन से दूर रखने के लिए यह पहल शुरू की गई है

प्रशासन ने 12 स्कूलों में 2000 चूजे, 1500 पौधे और बीज बांटे



जकार्ता. इंडोनेशिया में पश्चिम जावा का बांडुंग शहर। यहां स्थानीय प्रशासन ने बच्चों को स्मार्टफोन और टीवी से दूर रखने के लिए पायलट प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत बच्चों को मुर्गियों के बच्चे, सब्जी-फलों के पौधे और उनके बीज बांटे जा रहे हैं, ताकि बच्चे स्मार्टफोन छोड़कर उनकी देखभाल में व्यस्त रहें। 

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि शहर 10 प्राथमिक स्कूल और दो जूनियर हाई स्कूल में 2000 चूजे और करीब 1500 मिर्च के पौधे उपलब्ध कराए हैं। बांडुंग शहर के मेयर ओडेम एम ने कहा- इंडोनेशिया में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोग हर दिन आठ घंटे फोन पर बिताते हैं। जबकि वैश्विक औसत करीब दो घंटे का है। इतना ही नहीं आज के बच्चे भी इंटरनेट और स्मार्टफोन की लत का शिकार होते जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों को स्मार्टफोन से दूर रखने की पहल कामयाब हुई है। इसे जल्द ही पूरे शहर में लागू कर दिया जाएगा।

परिजन बोले- पौधों-जीवों की देखभाल सेलफोन की लत से बेहतर
पहल को लेकर अभि‌भावकों ने कहा- बच्चों को अनुशासन में रखना अच्छा है। पेड़-पौधों और जीवों की देखभाल सेलफोन के साथ खेलने से बेहतर है। उधर, चूजे प्राप्त करने वाले बच्चों ने बताया कि उनके पास पक्षियों और पौधों को सहेजने की कई योजनाएं हैं। पांचवीं के छात्र एलिस ने कहा- वह मुर्गियों के प्रजनन की आशा करता है। सातवीं के छात्र ग्रेडर ने बताया वह मुर्गियों की देखभाल के साथ उनके साथ खेलता भी है।

ब्रिटेन / ट्रैक्टर को 217 किमी की रफ्तार से दौड़ा कर बना दिया रिकॉर्ड, गिनीज बुक में दर्ज


इस ट्रैक्टर को दो युवा इंजीनियरों ने आधुनिक तकनीक से तैयार किया है, जिससे इसकी रफ्तार बढ़ी 
आमतौर पर भारी इंजन वाले वाहन कम गति से चलते हैं.

गाय मार्टिन और उनका ट्रैक्टर।

लंदन. ब्रिटेन के गाय मार्टिन ने ट्रैक्टर को 217 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। इसे गिनीज बुक में दर्ज किया गया है। उपलब्धि हासिल करने पर मार्टिन ने कहा- 'जब मेरे पास ट्रैक्टर आया तो मैं काफी उत्साहित था। मोड़ आने पर मैं इसे तेजी से घुमा नहीं सकता था, क्योंकि इसके पीछे का एक्सेल थोड़ा अलग है। इसलिए मैंने सिर्फ गियर बदलने और गति बढ़ाने पर ध्यान दिया।' 

आमतौर पर भारी इंजन वाले वाहन कम गति से चलते हैं। लेकिन इसे 'जेसीबी फास्टट्रैक टू' ट्रैक्टर को दो युवा इंजीनियरों ने आधुनिक तकनीक से तैयार किया है। इस कारण यह तेज भागने में सफल रहा।

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