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तेलंगाना पुलिस ने खुद बताई एनकाउंटर के पीछे की पूरी कहानी

तेलंगाना पुलिस ने खुद बताई एनकाउंटर के पीछे की पूरी कहानी


तेलंगाना पुलिस ने खुद बताई एनकाउंटर के पीछे की पूरी कहानी
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वी. सी. सज्जनार प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
हैदराबाद गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर पर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. 6 दिसंबर की दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट में पुलिस की कॉन्फ्रेंस शुरू हुई. साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वी. सी. सज्जनार ने कहा,

‘वेटनरी डॉक्टर का शव मिलने के बाद हमने जांच शुरू की. हमने चारों आरोपियों को पकड़ा. हमारे पास ठोस सबूत हैं. सारे आरोपियों को 30 नवंबर के दिन कोर्ट में पेश किया गया. फिर चेरापल्ली जेल भेजा गया.’


पुलिस के मुताबिक,


क्राइम सीन को रिक्रिएट करने के लिए चारों आरोपियों को 6 दिसंबर की सुबह उसी जगह ले जाया गया था, जहां 28 नवंबर की सुबह दिशा की जली हुई लाश मिली थी. चारों आरोपियों को 4 दिसंबर के दिन चेरापल्ली जेल से लाया गया था. उनसे पूछताछ की गई थी. उन्होंने जहां पर पीड़िता का सेल फोन रखा था उसके बारे में बताया. उसके बाद उन्हें घटनास्थल ले जाया गया, ताकि वो सेल फोन के बारे में बता सकें. क्राइम सीन पर उन्होंने पुलिस पर आक्रमण किया, फायरिंग की. उन्होंने दो पुलिसकर्मियों से बंदूक छीनीं और फायरिंग की. इसके अलावा उन्होंने शार्प ऑब्जेक्ट, लकड़ी और पत्थर से भी पुलिस पर हमला किया. इसलिए बचाव में पुलिस ने भी फायरिंग की.

पुलिस के मुताबिक, चारों में से दो आरोपी चेन्नाकेशवुलु और मोहम्मद आरिफ ने पुलिसवालों से हथियार छीना था. दोनों के पास से छिने हुए हथियार भी बरामद हुए हैं. दो पुलिसकर्मियों को भी इस एनकाउंटर में चोट आई है. उन्हें लोकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अभी चारों शवों का पोस्टमार्टम हो रहा है. उसके बाद उनके परिवार वालों को शव सौंपा जाएगा. चारो आरोपियों का डीएनए प्रोफाइलिंग भी किया गया है.

पुलिस ने बताया कि एनकाउंटर की घटना 6 दिसंबर की सुबह 5.45 और 6.15 के बीच हुई है. पुलिस ने एनकाउंटर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सबसे पहले पुलिस पहल हमला मोहम्मद आरिफ ने किया था, उसके बाद बाकी लोगों ने भी पुलिस पर हमला किया, जिसके बचाव में पुलिसवालों ने फायरिंग की. 10 पुलिसवाले चारों आरोपियों को लेकर क्राइम सीन रिक्रिएट करने गए थे.

पुलिस का कहना है कि उनके पास चारों आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत हैं. अब ये पता लगाने की भी कोशिश हो रही है कि ये चार किसी और अपराध में भी शामिल थे क्या. आगे भी जांच की जाएगी. सज्जनार से जब सवाल किया गया कि आरोपियों ने बंदूक कैसे छीन ली. तब उन्होंने कहा कि वो अनलॉक थे. सज्जनार से जब पूछा गया कि कितनी गोलियां चली हैं, तब उन्होंने ठीक से जवाब नहीं दिया. फिर अपील की कि पीड़िता के परिवार की रिस्पेक्ट की जाए. उनकी प्राइवेसी की रिस्पेक्ट की जाए. उनके नाम को रिवील न किया जाए.
हैदराबाद एनकाउंटर में 4 आरोपियों की मौत के बाद किस नेता ने क्या लिखा?

हैदराबाद एनकाउंटर और ट्विटर रिएक्शन
हैदराबाद गैंगरेप मामले के चारों आरोपी एनकाउंटर में मारे गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक 5 दिसंबर की देर रात पुलिस चारों आरोपियों को उस जगह लेकर गई थी, जहां डॉक्टर की जली हुई लाश मिली थी. वहीं उन्होंने भागने की कोशिश की और इसी कोशिश में चारों को एनकाउंटर में मार गिराया.

इस मौके पर सोशल मीडिया पर नेताओं और राजनीति से जुड़े लोगों ने रिएक्ट किया. किसने क्या कहा. पढ़िए.

शशि थरूर ने एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा. हमें और जानने की जरूरत है.


किसी फैसले पर न पहुंचने की बात कही. ये भी लिखा कि कानूनी दायरे से बाहर

Agree in principle. We need to know more, for instance if the criminals were armed, the police may have been justified in opening fire preemptively. Until details emerge we should not rush to condemn. But extra-judicial killings are otherwise unacceptable in a society of laws. 

— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) December 6, 2019

जयपुर ग्रामीण से सांसद राज्यवर्धन सिंह राठोर ने लिखा. मैं हैदराबाद पुलिस और उस नेतृत्व को बधाई देता हूं, जिसने पुलिस को पुलिस की तरह काम करने दिया. ये वो देश हैं जहां ग़लत पर हमेशा सही की जीत होती रहेगी. आगे ये भी स्पष्ट किया कि पुलिस ने जो किया आत्मरक्षा में किया.

I congratulate the hyderabad police and the leadership that allows the police to act like police Let all know this is the country where good will always prevail over evil (Disclaimer for holier than thou- police acted swiftly in self defence)#Encounter#hyderabadpolice — Rajyavardhan Rathore (@Ra_THORe) December 6, 2019

शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा.

कि न्याय, न्याय प्रणाली का काम है. जब न्याय में देर हो रही हो, न्याय न मिल रहा हो तो सरकार पर दबाव बनना चाहिए.

My feelings after reading abt the encounter? as an Indian citizen&as a woman who reads such crimes against women everyday are so different
As a citizen,Justice is the job of the legal system,when justice is delayed&denied there has to be pressure on govt to fix broken systems.1/2

— Priyanka Chaturvedi (@priyankac19) December 6, 2019

भाजपा की रणनीतिकार हैं शुभ्रास्था. ट्वीट किया. उचित प्रक्रिया चाहने वाले आराम कर सकते हैं. एक महिला के रूप में मैं खुश हूं, राहत मिली. पुलिस का शुक्रिया, अगर हम क़ानून का हवाला देकर बलात्कारियों को बचा सकते हैं. तो हम क़ानून से ही ये भी साबित कर सकते हैं कि उन्हें ठीक ख़त्म किया गया.

Due process lobby can chill with canned beer. As a woman, i feel relieved and happy. Thank you Police! Am sure if we can shield the rapists by quoting law, we can prove – by law – that it was perfectly alright to eliminate them like they have been. — Shubhrastha (@Shubhrastha) December 6, 2019

कांग्रेस के संजय झा ने एक केले की तस्वीर डालकर देश को बनाना रिपब्लिक बनने की बधाई दी.



महाराष्ट्र में बीजेपी के विधायक ने पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार की फोटो लगाकर सैल्यूट किया.


बीजेपी की नेता ने उमा भारती ने इस मुद्दे पर कई ट्वीट का थ्रेड पोस्ट किया.

इसे सदी के 19 वें साल में महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी देने वाली यह सबसे बड़ी घटना बता डाला. कहा, मैं अब विश्वास कर सकती हूं कि दूसरे राज्यों के शासन में बैठे हुए लोग अपराधियों को तत्काल सबक सिखाने के रास्ते निकालेंगे.

1. मैं अभी हिमालय उत्तराखंड में गंगा किनारे हूं, तेलंगाना में महिला वेटनरी डॉक्टर के साथ दुराचरण के बाद हत्या किए जाने की घटना से मैं बहुत दुखी एवं क्षुब्ध थी।

— Uma Bharti (@umasribharti) December 6, 2019

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने लिखा. “इस मामले में देश भर में जनता जिस तरह संतोष ज़ाहिर कर रही है उससे साफ़ है कि देश का क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम फ़ेल है और जनता का भरोसा उससे उठ चुका है. चारों आरोपी अगर पुलिस गिरफ़्त से भागने की कोशिश कर रहे थे तो उस वक़्त पुलिस के पास इसके अलावा और कोई चारा ही नही था.”

इस मामले में देश भर में जनता जिस तरह संतोष ज़ाहिर कर रही है उससे साफ़ है कि देश का क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम फ़ेल है और जनता का भरोसा उससे उठ चुका है। चारों आरोपी अगर पुलिस गिरफ़्त से भागने की कोशिश कर रहे थे तो उस वक़्त पुलिस के पास इसके अलावा और कोई चारा ही नही था। 

बीजेपी की मेनका गांधी ने सोशल मीडिया पर कुछ लिखा नहीं. लेकिन मुंह से बोलकर बयान जरूर दिया है. कहा,

‘जो हुआ बहुत भयानक हुआ है देश के लिए. आप अपने हाथ में कानून नहीं ले सकते. वो (आरोपी) कोर्ट के द्वारा फांसी पर चढ़ा ही दिए जाते. अगर कानून की पूरी प्रक्रिया होने के पहले ही उन्हें मार दिया जाता है, तो फिर कोर्ट, कानून और पुलिस का मतलब क्या है.’

BJP MP Maneka Gandhi on Telangana encounter: Jo bhi hua hai bohot bhayanak hua hai is desh ke liye, you cannot kill people because you want to. You cannot take law in your hands, they(accused) would have been hanged by Court anyhow pic.twitter.com/4in4sBMJDp — ANI (@ANI) December 6, 2019

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी तेलंगना एनकाउंटर को सही बताया. कहा,

‘हैदराबाद में जो भी हुआ वो अपराधियों के खिलाफ काम करेगा. हम इसका स्वागत कर रहे हैं. बिहार में भी महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की संख्या बढ़ रही है. यहां राज्य सरकार बहुत ढीली है और कुछ नहीं कर रही.’
हैदराबाद गैंगरेप मामले के चारों आरोपी एनकाउंटर में मारे गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक 5 दिसंबर की देर रात पुलिस चारों आरोपियों को उस जगह लेकर गई थी, जहां डॉक्टर की जली हुई लाश मिली थी. नेशनल हाईवे-44 के ब्रिज के नीचे. पुलिस ने बताया है कि क्राइम सीन को रिक्रिएट करने के मकसद से चारों को वहां ले जाया गया था. उस दैरान उन्होंने गिरफ्त से भागने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और इसी कोशिश में चारों को एनकाउंटर में मार गिराया.

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