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मंत्री पद क्या छोड़ा सिद्धू को विधायक वाली सैलरी भी मिलनी बंद हो गई.

मंत्री पद क्या छोड़ा सिद्धू को विधायक वाली सैलरी भी मिलनी बंद हो गई

latest-breaking-newsनवजोत सिंह सिद्धू

पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू को पिछले चार महीने 22 दिन से बतौर विधायक भी सैलरी नहीं मिली है. मंत्री पद छोड़ने के बाद विधायक के रूप में सिद्धू अब तक अपनी सैलरी लेने नहीं गए हैं. पंजाब विधानसभा से सिद्धू को 20 जुलाई, 2019 तक की सैलरी मिल चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सिद्धू के इस्तीफे का नोटिफिकेशन विधानसभा को नहीं भेजा गया है, इसलिए उनकी सैलरी अटकी हुई है.


नियमों के मुताबिक़ 20 जुलाई से सिद्धू को सिर्फ विधायक की सैलरी मिलनी है. ऐसे में करीब 5 महीने होने को हैं और सिद्धू को सैलरी नहीं मिली है. विधानसभा के अधिकारियों ने बताया, राज्य सरकार से सिद्धू के बारे में जैसे ही नोटिफिकेशन की कॉपी उन्हें मिल जाएगी, उनके वेतन और सभी भत्तों के पेंडिंग पेमेंट कर दिए जाएंगे.
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झोल कहां है?


न्यू इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक़ पंजाब विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार, सिद्धू अभी भी कैबिनेट मंत्री हैं क्योंकि संबंधित विभाग ने अभी तक उनके इस्तीफे की कॉपी नहीं दी है. वहीं कैबिनेट अधिकारी का कहना है कि नोटिफिकेशन की कॉपी विधानसभा को पहले ही भेज दी गई है.

सूत्रों के मुताबिक़ सिद्धू को अभी 85 हजार रुपये के साथ ही फ्लैट, पेट्रोल, गाड़ी और फोन बिल के खर्चे के पैसे मिलने हैं.

सिद्धू ने इस्तीफा क्यों दिया था?


पंजाब कैबिनेट में विभाग बदलने से नाराज सिद्धू ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

सिद्धू कांग्रेस से पहले भाजपा में थे और पंजाब में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से जुड़े थे. पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह के साथ सिद्धू के रिश्ते सहज नहीं रहे. खासकर तब जब सिद्धू पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ समारोह में शामिल हुए थे और वहां पाकिस्तान के आर्मी चीफ के गले लगते देखे गए थे. विपक्ष ने कांग्रेस को इसको लेकर खूब घेरा. कैप्टन अमरिंदर ने लोकसभा चुनाव 2019 में पंजाब में कांग्रेस की शहरी इलाकों में खराब परफॉर्मेंस के लिए सिद्धू को दोषी बताया था. छह जून को मंत्रिमंडल में हुए बदलाव के बाद सिद्धू को पर्यटन मंत्रालय से हटाकर ऊर्जा मंत्री बनाया गया. लेकिन सिद्धू ने ऑफिस जॉइन नहीं की.

14 जुलाई को ट्वीट करते हुए सिद्धू ने इस्तीफे का ऐलान किया था. यह इस्तीफा उन्होंने कांग्रेस प्रेसिडेंट को लिखा था. 15 जुलाई को सिद्धू ने पंजाब के सीएम को इस्तीफा भेजा था. इसकी जानकारी भी उन्होंने ट्वीट करके दी थी.
latest-breaking-newsउज्ज्वला योजना में बंपर फ्रॉड : साढ़े तीन लाख मौकों पर एक दिन में 2 से 20 बार गैस भरवाई गई


कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) की नई रिपोर्ट आई है. उज्ज्वला योजना को लेकर. 2015 में लॉन्‍च हुई इस योजना के तहत महिलाओं को LPG कनेक्‍शन दिया जाता है. केंद्र सरकार का दावा है कि इस योजना के तहत अब तक 8 करोड़ से ज्‍यादा कनेक्‍शन दिए जा चुके हैं. CAG का मानना है कि इस योजना का भारी दुरुपयोग हो रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जरूरतमंदों की बजाए इस योजना का लाभ उन लोगों को मिल रहा, जिन्‍हें जरूरत नहीं है. CAG ने अपनी रिपोर्ट में योजना की कमियों को भी बताया है.


रिपोर्ट की खास बातें-


1. कई परिवारों को एक से ज्यादा LPG कनेक्शन दिए गए. 3.78 करोड़ LPG कनेक्शन में सिर्फ 1.6 करोड़ (करीब 42 फीसद) लोगों को ‘आधार’ के आधार पर कनेक्शन दिए गए.

2. बीते साल जिन 1.93 करोड़ लोगों को कनेक्शन दिया गया था, उनमें से एक उपभोक्ता सालाना 3.66 नग LPG ही रिफिल करवाता है.

3. सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण 18 साल से कम उम्र के 80 हजार लोगों को कनेक्शन दे दिए गए. ऐसे ही 8.59 लाख कनेक्शन उन लोगों को दिए गए जो 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार नाबालिग थे. यह प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की गाइडलाइन और एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2000 दोनों का उल्‍लंघन है.

4. 1.98 लाख उपभोक्ता साल में 12 से ज्यादा सिलेंडर रिफिल करा रहे हैं और ये जांच का विषय है. ये लोग सिलेंडर का कमर्शियल इस्तेमाल कर रहे होंगे, ऐसा लगता है.

5. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन जारी किया जाता है. लेकिन सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण 1.88 लाख पुरुषों को कनेक्शन मिले.

6. सिलेंडरों के कमर्शियल यूज का ख़तरा भी सामने आया. 3.44 लाख ऐसे मौके आए, जब एक दिन में एक ही कनेक्शन पर 2 से 20 बार रिफिल कराया गया.

CAG की सिफारिशें


1. एक परिवार को एक ही सिलेंडर मिले, इसके लिए परिवार के सभी 18+ लोगों के आधार का डेटा होना चाहिए.

2. सॉफ्टवेयर पर खास ध्यान देना चाहिए ताकि डेटा में कोई गलती न हो सके.
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3. जिस किसी को उज्ज्वला योजना के जरिए कनेक्शन मिला हो उसका ई-केवाइसी होना जरूरी है.

4. अगर किसी नाबालिग को योजना का कनेक्शन मिला है तो उसके परिवार में 18+ लोगों के नाम पर कनेक्शन को ट्रांसफर किया जाना चाहिए.
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5. उज्ज्वला योजना के जरिए जिन्हें कनेक्शन मिला है, वह कैसे इसका सुरक्षित तरीके से इसका इस्तेमाल करें, इसको लेकर कैम्पेन की जरुरत है.

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