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100+ बचपन की यादें Shayari Status

Wo Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi

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एक इच्छा है भगवन मुझे सच्चा बना दो,
लौटा दो बचपन मेरा मुझे बच्चा बना दो।।

Wo Bachpan Kya Tha Childhood Memories Quotes in Hindi

चलो, फिर से बचपन में जाते हैं
खुदसे बड़े-बड़े सपने सजाते हैं
सबको अपनी धुन पर फिर से नचाते हैं
साथ हंसते हैं, थोड़ा खिलखिलाते हैं
जो खो गयी है बेफिक्री, उसे ढूंढ लाते हैं
चलो, बचपन में जाते हैं।।

बचपन की बात ही कुछ और थी,
जब घाव दिल पर नही हाथ-पैरों पर हुआ करते थे,
जब आँसू छुपाने के लिए तकिया नही माँ का आँचल जरूरी होता था,
जब रोने के लिए नींद नही नींद के लिए रोया करते थे,
जब ख़ुशी प्यार के चंद पलों में नही अच्छे गुण मिलने पर होती थी,
जब डर दिल के टुकड़े होने का नही पेन्सिल की नोख टूटने का होता था,
जब घबराहट नए चेहरों की नही नए शिक्षकों की होती थी,
जब संभलने के लिए एकांत वक़्त नही माँ की बाते होती थी,
बचपन तो बीत गया पर बचपना कभी बितना नही चाहिए ।

वो बचपन क्या था,
जब हम दो रुपए में जेब भर लिया करते थे।
वो वक़्त ही क्या था,
जब हम रोकर दर्द भूल जाया करते थे।


बचपना वो बचपन का, मुझको जब याद आता है..खुशियों की लहर सी उठती है, मन मेरा मचल सा जाता है…मन में बसता था भोलापन, दिल में रहती थी नादानी…खुशियों से उछल हम पड़ते थे, जब चलती थी अपनी मनमानी…हर कोई अपना लगता था, मन में कोई भी बैर ना था…हर किसी से थी अपनी यारी, उस वक़्त कोई भी गैर ना था…ना समझदारी का दलदल था, न मन में थी कोई बेईमानी…मन बिलकुल पारदर्शी था, जैसे हो स्वच्छ शुद्ध पानी…

आओ भीगे बारिश में
उस बचपन में खो जाएं
क्यों आ गए इस डिग्री की दुनिया में
चलो फिर से कागज़ की कश्ती बनाएं।

बचपन👧 में ही अपने छोड़ कर चले गए🙍।।
आँख🙄 खोलि तो सपने🙎छले गए😢।।

बाल मजदूरी उनका शौक नहीं हैं ,उनकी मजबूरी हैं |
नियम बनाने से कुछ नहीं होगा हल ढूंढना जरुरी हैं।
जेबों में उड़ने के सपने लिए वो अकेले जल रहे,
ईंटों के भट्ठौ में तपकर, अपने पेट भर रहे।

क्या चाहेगा कोई ऐसा बचपन?
ढोता हो कंधे पे भार, कहीं ढाबे में बरतन धोएं,
कभी बाल कृषक बनकर, किसी कोने में बैठ रोएं।
बड़ा शहर हो या छोटा गांव,
हर गली नुक्कड़ पर ये करते काम।
खाने की तलाश में, कूड़ा घर के पास में,
खेलने की उम्र में धूप में तपता जल रहा,
किताब-कलम से दूर क्षितिज पर ,
अपनी किस्मत के अंगारों से लड़ रहा।
उसके कोमल हाथों में है फावड़ा-कूदाल,
अपने अरमानों को वो रहा इस जीवन में ढाल।

देश की तरक्की में बाल- मजदूरी का तमाचा लगाता,
कि कैसे एक बचपन इस निर्ममता में खो जाता।
ग़रीबी से जूझ कर कहीं अपनी ही बेटी को बेचा जाता।
आलेख 24 और 39 को कोई समझ ना पाता।
अधिनियम तो बना दिए, क्या इन पर अमल किया गया?
नंगी ज़मीं खुलें आसमां के नीचे कैसे एक बचपन सो गया।।

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi

काश मैं लौट जाऊं…
बचपन की उन हसीं वादियों में ऐ जिंदगी
जब न तो कोई जरूरत थी और न ही कोई जरूरी था!


जब दिल ये आवारा था,
खेलने की मस्ती थी।
नदी का किनारा था,
कगज की कश्ती थी।
ना कुछ खोने का डर था,
ना कुछ पाने की आशा थी।


कुछ अपनी हरकतों से,
तो कुछ अपनी मासूमियत से,
उनको सताया था मैंने,
कुछ वृद्धों और कुछ वयस्कों को,
इस तरह उनके बचपन से मिलाया था मैंने।

माना बचपन में, इरादे थोड़े कच्चे थे।
पर देखे जो सपने, सिर्फ वहीं तो सच्चे थे।

आसमान में उड़ती…
एक पतंग दिखाई दी…
आज फिर से मुझ को..
मेरी बचपन दिखाई दी..

बिना समझ के भी, हम कितने सच्चे थे,
वो भी क्या दिन थे, जब हम बच्चे थे।


कोई तो रूबरू करवाए बेखौफ बीते हुए बचपन से..मेरा फिर से बेवजह मुस्कुराने का मन है..!!


दिल अब भी बचपना है
बचपन वाले सपने
अब भी ज़िंदा हैं!

बचपन से बुढ़ापे का बस इतना सा सफ़र रहा है
तब हवा खाके ज़िंदा था अब दवा खाके ज़िंदा हूँ।।

टूटे ना गुल्लख़ जो उस वक़्त साथ था…!!सिक्के के खनक से लगता हर रिश्ता पास था,यादो को समेटे उस मिट्टी के गुल्लख में,कैद यादो का ठेरो इतिहास था…!!टूटा गुल्लख़ बिखरी यादे,बचपन अब उस कफ़ज से आजाद था,गुल्लख़ वाला जमाना अब दिल में बैठा उदास था…!!

ईमान बेचकर बेईमानी खरीद ली
बचपन बेचकर जवानी खरीद ली
न वक़्त, न खुशी, न सुकून
सोचता हूँ ये कैसी जिन्दगानी खरीद ली!

नन्‍हीं-नन्‍हीं यादों सा था बचपन…
न जाने कब बढ़ा हो गया

😔😔😔

बचपन समझदार हो गया,
मैं ढूंढता हू खुद को गलियों मे।।

बचपन में लगी चोट पर मां की हल्‍की-हल्‍की फूँक
और कहना कि बस अभी ठीक हो जाएगा!
वाकई अब तक कोई मरहम वैसा नहीं बना!


बचपन हर किसीका होता हैलेकिन बचपना हर कोई नही जीता,हम चाहे लाख बड़े हो जाये ऊँचाइयाँ छू ले,लेकिन बचपना जीने के लिए कोई tag नही लगता,हसी मजाक हर कोई करता है लेकिन बच्चो जैसी हसी हर कोई नही हस पाता !
Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi


इतनी चाहत तो लाखो रुपए पानेकी भी नहीं होती ,जितनी बचपन की तस्वीर देखकरबचपन में जाने की होती है …..

ये वक़्त उम्र छीनसकता है मेरी मुझसेपर मेरा बचपना😋कभी कोई नही छीनसकता है🥳

बचपन में मेरे दोस्तों के पास घड़ी नहीं थी…
पर समय सबके पास था!
आज सबके पास घड़ी है
पर समय किसी के पास नहीं!


वास्तविकता को जानकर,
मेरा भी सपनों से समझौता हुआ,
लोग यही समझते रहे,
लो एक और बच्चा बड़ा हुआ।

कौन कहता है कि…
बचपन वापस नही आता
दो घड़ी अपनी माँ के पास
बैठ कर तो देखो
खुद को बच्चा महसूस ना करो
तो फिर कहना..

माँ-पापा होते मेरे, बाहर दिनभर..
थक जाऊँ, उनका इंतज़ार कर;
वक्त बिताऊँ, गुमसुम मैं घर पर।

माँ हैं मेरी न्यारी ममता की मूरत..सो जाऊँ रोज, देख सपन सलोने;उसकी गोदी में, सुकून से सर रखकर।

पापा भी तो मेरे, हैं कितने प्यारे..
बड़े अच्छे, लाते ढेर सारे खिलौने;
पर रोज देर से आते, कितने थक कर।

सब कुछ तो हैं, फ़िर क्यों रहूँ उदास..
तेरे जैसा मैं भी बन पाता मनमौजी;
लतपत धूल-मिट्टी से, लेता खुलकर साँस।

न चाहूँ नर्म बिछौने, न क़ीमती खिलौनें..प्यारे मम्मी-पापा, समझ ये लेते काश;या दोस्त होता मासूम, कोई तेरे जैसा!बाँट सकता जिससे, कुछ दबे दर्द मैं अपने।

बचपन में…
जहां चाहा हंस लेते थे, जहां चाहा रो लेते थे!
पर अब…
मुस्कान को तमीज़ चाहिए और आंसूओं को तनहाई!


जिंदगी जब भी सुकून दे जाती है,
ए बचपन हमें तेरी याद आती है

खूबसूरत था इतना के महसूस भी ना हुआ . . .
कब, कहाँ, कैसे . . .
मेरा बचपन बीत गया . . .
ना कुछ पाने की आशा ना कुछ खोने का डर
बस अपनी ही धुन, बस अपने सपनो का घर
काश मिल जाए फिर मुझे वो बचपन का पहर….

वो बचपन कीअमीरी न जाने कहां खो गई
जब पानी में हमारे भी जहाज चलते थे…



वो क्‍या दिन थे…
मम्‍मी की गोद और पापा के कंधे,
न पैसे की सोच और न लाइफ के फंडे,
न कल की चिंता और न फ्यूचर के सपने,
अब कल की फिकर और अधूरे सपने,
मुड़ कर देखा तो बहुत दूर हैं अपने,
मंजिलों को ढूंडते हम कहॉं खो गए,
न जाने क्‍यूँ हम इतने बड़े हो गए,

गाँवो में है
फटेहाल नौनीहाल
व भूखा किसान
फिर भी हुक्म के तामील में
लिख रहे मेरा भारत महान

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi

बचपन का वो दिन और सुहानी रातें
चूरन की गोलियां हंसी मजाक की बातें
ना कोई फासले दिल में ना रिश्तो की दीवार,
होती थोड़ी शैतानियां थोड़ी सी तकरार
ना कोई चिंता भविष्य की ना कोई परवाह
ऐ खुदा ले चल मुझे फिर से उसी राह
सावन के झूले, फूलों की वह डाल,
हंसते मुस्कुराते गुजरता था बचपन का हर साल
खबर ना थी धूप की ना शाम का ठिकाना था
बारिश में कागज की नाव और पानी का बौछारा था,
जिंदगी में आगे निकलने की ना होड़ थी
हाथ में पतंग का मांजा और सफेद डोर थी,
वो ताजी हवा,मीठा पानी और वो खुशहाली
वो गन्ने का रस, आम की कैरियां और वो हरियाली
इंद्रधनुष के प्यारे रंग और ध्रुव तारा था
सोच कर देखो जरा बचपन कितना प्यारा था।

बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर आँख बिस्तर पर ही खुलती थी !!

झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम


सुकून की बात मत कर ऐ दोस्त बचपन वाला इतवार अब नहीं आता


कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी



आशियाने ? जलाये जाते हैं जब तन्हाई की आग से, ☺️ तो बचपन के घरौंदो की वो मिट्टी याद आती है ? याद होती जाती है जवां बारिश के मौसम में तो, बचपन की वो कागज की नाव ? याद आती है
बचपन की शायरी

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi


रोने की वजह भी न थी न हंसने का बहाना था क्यो हो गए हम इतने बडे इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था.....


चले आओ कभी टूटी हुई चूड़ी के टुकड़े से, वो बचपन की तरह फिर से मोहब्बत नाप लेते हैं..


आते जाते रहा कर ए दर्द तू तो मेरा बचपन का साथी है


कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन ..!! सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी ..!!

बचपन की शायरी

किसने कहा नहीं आती वो बचपन वाली बारिश... तुम भूल गए हो शायद अब नाव बनानी कागज़ की...!!


अजीब सौदागर है ये वक़्त भी जवानी का लालच दे के बचपन ले गया !!


लगता है माँ बाप ने बचपन में खिलौने नहीं दिए, तभी तो पगली हमारे दिल से खेल गयी !!

बचपन से हर शख्स याद करना सिखाता रहा,भूलते कैसे है ? बताया नही किसी ने…..


हंसने की भी, वजह ढूँढनी पड़ती है अब; शायद मेरा बचपन, खत्म होने को है!

बचपन की दोस्ती पर शायरी
बचपन की दोस्ती शायरी इस प्रकार हैं|


वो क्‍या दिन थे… मम्‍मी की गोद और पापा के कंधे, न पैसे की सोच और न लाइफ के फंडे, न कल की चिंता और न फ्यूचर के सपने, अब कल की फिकर और अधूरे सपने, मुड़ कर देखा तो बहुत दूर हैं अपने, मंजिलों को ढूंडते हम कहॉं खो गए, न जाने क्‍यूँ हम इतने बड़े हो गए|


वो बचपन की अमीरी न जाने कहां खो गई जब पानी में हमारे भी जहाज चलते थे…

Bachpan shayari in hindi
बचपन का प्यार शायरी


वो बचपन की अमीरी न जाने कहां खो गई जब पानी में हमारे भी जहाज चलते थे…


अब तक हमारी उम्र का बचपन नहीं गया घर से चले थे जेब के पैसे गिरा दिए
दुआएँ याद करा दी गई थीं बचपन में सो ज़ख़्म खाते रहे और दुआ दिए गए हम

भूक चेहरों पे लिए चाँद से प्यारे बच्चे बेचते फिरते हैं गलियों में ग़ुबारे बच्चे

मासूम बच्चा शायरी इस प्रकार हैं|


कोई मुझको ? लौटा दे वो बचपन का सावन, ? वो कागज की कश्ती वो बारिश ? का पानी।


रोने की ? वजह ना थी, ना हँसने का बहाना था. ? क्युँ हो गऐे हम इतने बडे, ? इससे अच्छा तो वो बचपन का ☺️ जमाना था..


आओ ? हम चाँद का क़िरदार अपना ले. ? दाग अपने पास रख ले, और ? रोशनी बाँट दें..


वो बचपन ☺️ भी क्या दिन थे मेरे..! ? न फ़िक्र कोई..न दर्द कोई..!! बस खेलो, ? खाओ, सो जाओ..! बस इसके सिवा कुछ ? याद नहीं..!
bachpan lines in hindi



हम भी ? मुस्कराते थे कभी बेपरवाह ? अन्दाज़ से देखा है आज खुद को कुछ पुरानी ? तस्वीरों में !


बच्चों ? के द्वारा नापसंद किये जाने से ? बेहतर है बड़ों के बीच से निकाल ☺️ दिया जाना।


मेरा बचपन भी साथ ले आया गाँव से जब भी आ गया कोई

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi

मोहल्ले वाले मेरे कार-ए-बे-मसरफ़ पे हँसते हैं मैं बच्चों के लिए गलियों में ग़ुब्बारे बनाता हूँ


सातों आलम सर करने के बा'द इक दिन की छुट्टी ले कर घर में चिड़ियों के गाने पर बच्चों की हैरानी देखो

काश वो बचपन लोट आय हिंदी शायरी


ना कुछ पाने की आशा ना कुछ खोने का डर बस अपनी ही धुन, बस अपने सपनो का घर काश मिल जाए फिर मुझे वो बचपन का पहर
बचपन की यादें शायरी – shayari bachpan ki yaadein


एक हाथी एक राजा एक रानी के बग़ैर नींद बच्चों को नहीं आती कहानी के बग़ैर


खिलौनों की दुकानो रास्ता दो मिरे बच्चे गुज़रना चाहते हैं


जिस के लिए बच्चा रोया था और पोंछे थे आँसू बाबा ने वो बच्चा अब भी ज़िंदा है वो महँगा खिलौना टूट गया


मैं बचपन में खिलौने तोड़ता था मिरे अंजाम की वो इब्तिदा थी


मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है उम्र का बेहतरीन हिस्सा है


असीर-ए-पंजा-ए-अहद-ए-शबाब कर के मुझे कहाँ गया मिरा बचपन ख़राब कर के मुझे

अपने बच्चों को मैं बातों में लगा लेता हूँ जब भी आवाज़ लगाता है खिलौने वाला


मेरी दोस्ती का फायदा उठा लेना, ? क्युंकी मेरी दुश्मनी का नुकसान सह ? नही पाओगे…!


कमज़ोर ? पड़ गया है, मुझसे तुम्हारा ताल्लुक, ☺️ या कहीं और सिलसिले मजबूत ? हो गए हैं.


सारी दुनियाँ मैं ईद है, ? लेकिन हमारा चाँद आज ? भी गुम है.


इक ? चुभन है कि जो बेचैन किए रहती ? है, ऐसा लगता है कि कुछ टूट गया है ? मुझ में.

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi


फ़क़त माल-ओ-ज़र-ए-दीवार-ओ-दर अच्छा नहीं लगता जहाँ बच्चे नहीं होते वो घर अच्छा नहीं लगता


बड़ी हसरत से इंसाँ बचपने को याद करता है ये फल पक कर दोबारा चाहता है ख़ाम हो जाए



बच्चा बोला देख कर मस्जिद आली-शान अल्लाह तेरे एक को इतना बड़ा मकान



बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएँगे

ना कुछ पाने की आशा ना कुछ खोने का डर
बस अपनी ही धुन, बस अपने सपनो का घर
काश मिल जाए फिर मुझे वो बचपन का पहर


झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम
ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम


बचपन भी कमाल का थाखेलते खेलते चाहें छत पर सोयेंया ज़मीन परआँख बिस्तर पर ही खुलती थी !!



खुदा अबके जो मेरी कहानी लिखना
बचपन में ही मर जाऊ ऐसी जिंदगानी लिखना!!

 Bachpan kagaj ke Kashti Shayari


काग़ज़ की कश्ती थी पानी का किनारा था
खेलने की मस्ती थी ये दिल अवारा था
कहाँ आ गए इस समझदारी के दलदल में
वो नादान बचपन भी कितना प्यारा था

Bachpan Ka Khilona Shayari


बचपन के दिन भी कितने अच्छे होते थे
तब दिल नहीं सिर्फ खिलौने टूटा करते थे
अब तो एक आंसू भी बर्दाश्त नहीं होता
और बचपन में जी भरकर रोया करते थे

 Bachpan Ka Jamana Hindi Shayari


रोने की वजह भी न थी
न हंसने का बहाना था
क्यो हो गए हम इतने बडे
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था!!

 Bachpan Kaha Kho Gaya Shayari


वो क्‍या दिन थे…
मम्‍मी की गोद और पापा के कंधे,
न पैसे की सोच और न लाइफ के फंडे,
न कल की चिंता और न फ्यूचर के सपने,
अब कल की फिकर और अधूरे सपने,
मुड़ कर देखा तो बहुत दूर हैं अपने,
मंजिलों को ढूंडते हम कहॉं खो गए,
न जाने क्‍यूँ हम इतने बड़े हो गए|

 Bachpan Shayari in Hindi 

जिस के लिए बच्चा रोया था
और पोंछे थे आँसू बाबा ने
वो बच्चा अब भी ज़िंदा है
वो महँगा खिलौना टूट गया


 Bachpan Ke Hansi Best Shayari
 बचपन में जहाँ चाहा हँस लेते थेजहाँ चाहा रो लेते थे और अबमुस्कान को तमीज चाहिएऔर आंसुओं को तन्हाई!!

Koi Lauta De Mera Bachpan Shayari


कोई मुझको लौटा दे वो बचपन का सावन,
वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी।


Bachpan Ke Khushi Shayari


अब तो खुशियाँ हैं इतनी बड़ी,
चाँद पर जाकर भी ख़ुशी नहीं,
एक मुराद हुई पूरी कि दूसरी आ गयी,
कैसे हो खुश हम, कोई बता दो,
अब तो बस दुःख भी हैं इतने बड़े,
कि हर बात पर दिल टुटा करता है.

 Chutpan Ke Loriya Best Shayari


याद आती है आज छुटपन की वो लोरियां,
माँ की बाहों का झूला ,
आज फिर से सूना दे माँ तेरी वो लोरी,
आज झुला दे अपनी बाहों में झूला.

 Bachpan Ke Kavita Hindi Shayari 

तब तो यही हमे भाते थे,
आज भी याद हैं छुटपन की हर कविता,
अब हजारों गाने हैं पर याद नहीं,
इनमे शब्द हैं पर मीठा संगीत कहाँ.


 Two Line Best Shayari In Hindi

बचपन के खिलौने सा कहीं छुपा लूँ तुम्हें,
आँसू बहाऊँ, पाँव पटकूँ और पा लूँ तुम्हें।

Honto Ki Muskan Bachpan Messages

होठों पे मुस्कान थी कंधो पे बस्ता था..
सुकून के मामले में वो जमाना सस्ता था..!!

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi

Bachpan Ka Jamana Yaad Aata Hai Shayari

चुपके-चुपके ,छुप-छुपा कर लड्डू उड़ाना याद है.
हमकोअब तक बचपने का वो जमाना याद है..!!


Bachpan Ke Sapne Shayari


जो सपने हमने बोए थे…नीम की ठंडी छाँवों में,
कुछ पनघट पर छूट गए,कुछ काग़ज़ की नावों में..!!

 2 Line Bachpan Shayari In Hindi Font


बचपन में खेल आते थे हर इमारत की छाँव के नीचे…
अब पहचान गए है मंदिर कौन सा और मस्जिद कौन सा..!!

  Best Bachpan Shayari


दौड़ने दो खुले मैदानों में,
इन नन्हें कदमों को जनाब
जिंदगी बहुत तेज भगाती है,
बचपन गुजर जाने के बाद
बचपन की वो यादें अब भी आती हैं
रोते में अब भी वो हँसा जाती हैं..!!

  Bachpan Ki Dosti Shayari


बचपन की दोस्ती थी बचपन का प्यार था
तू भूल गया तो क्या तू मेरे बचपन का यार था

  Bachpan Par Shayari in Hindi 

फ़रिश्ते आ कर उन के जिस्म पर खुशबु लगाते है
वो बच्चे रेल के डिब्बों मे जो झुण्ड लगाते है!!


 अजीब सौदागर है ये वक़्त भी
 जवानी का लालच दे के ✒ बचपन ले गया.

 जिंदगी फिर कभी न मुस्कुराई ✒ बचपन की तरह
 मैंने मिट्टी भी जमा की खिलौने भी लेकर देखे.

 तभी तो याद है हमे  हर वक़्त बस ✒ बचपन का अंदाज,
 आज भी याद आता है बचपन का वो खिलखिलाना,
  दोस्तों से लड़ना, रूठना, मनाना...  

लाज़वाब बचपन  शायरी
 चलो के आज ✒ बचपन का कोई खेल खेलें,
 बडी मुद्दत हुई बेवजाह हँसकर नही देखा.
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 मै उसको छोड़ न पाया बुरी लतों की तरह,
वो मेरे साथ है ✒ बचपन की आदतों की तरह. 

 कितना आसान था ✒ बचपन में सुलाना हम को,
 नींद आ जाती थी परियों की कहानी सुन कर.  

 लगता है माँ बाप ने ✒ बचपन में खिलौने नहीं दिए,
 तभी तो पगली हमारे दिल से खेल गयी. 


 मुखौटे ✒ बचपन में देखे थे, मेले में टंगे हुए,
 समझ बढ़ी तो देखा लोगों पे चढ़े हुए.  

 फिर से ✒बचपन लौट रहा है शायद,
 जब भी नाराज होता हूँ खाना छोड़ देता हूँ. 

Best Bachpan Shayari In Hindi

 आजकल आम भी पेड़ से खुद गिरके टूट जाया करते हैं
 छुप छुप के इन्हें तोड़ने वाला अब ✒ बचपन नहीं रहा.  
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Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi


 ज्यादा कुछ नही बदलता उम्र बढने के साथ,
 ✒ बचपन की जिद समझौतों मे बदल जाती है.


 वो ✒ बचपन की नींद अब ख्वाब हो गई,
 क्या उमर थी कि, शाम हुई और सो गये.


 रोने की वजह भी न थी, न हंसने का बहाना था,
  क्यो हो गए हम इतने बडे, 
  इससे अच्छा तो वो ✒ बचपन का जमाना था.

 दहशत गोली से नही दिमाग से होती है, और दिमाग तो हमारा ✒ बचपन से ही खराब है.


 ✒ बचपन में भरी दुपहरी नाप आते थे पूरा गाँव,
 जब से डिग्रियाँ समझ में आई, पाँव जलने लगे.

लाज़वाब बचपन  शायरी
 कितने खुबसूरत हुआ करते थे ✒ बचपन के वो दिन,
 सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी .


 काग़ज़ की कश्ती थी पानी का किनारा था,
 खेलने की मस्ती थी ये दिल अवारा था,

 कहाँ आ गए इस समझदारी के दलदल में,
 वो नादान ✒ बचपन भी कितना प्यारा था.


 ✒ बचपन में तो शामें भी हुआ करती थी,
 अब तो बस सुबह के बाद रात हो जाती है.  



 ✒ बचपन भी कमाल का था
 खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर
 आँख बिस्तर पर ही खुलती थी. 

बचपन पर शायरी
 देखो ✒ बचपन में तो बस शैतान था 
 मगर अब खूंखार बन गया हूँ .

 चले आओ कभी टूटी हुई चूड़ी के टुकड़े से,
 वो ✒ बचपन की तरह फिर से मोहब्बत नाप लेते हैं.  

Best Bachpan Shayari In Hindi
 ची ल उड़ी, कौआ उड़ा,
 ✒ बचपन भी कहीं उड़ ही गया.


 ना कुछ पाने की आशा ना कुछ खोने का डर,
 बस अपनी ही धुन, बस अपने सपनो का घर,
 काश मिल जाए फिर मुझे वो ✒ बचपन का पहर.  


 सुकून की बात मत कर ऐ दोस्त,
 ✒ बचपन वाला इतवार अब नहीं आता.


 खुदा अबके जो मेरी कहानी लिखना
 ✒ बचपन में ही मर जाऊ ऐसी जिंदगानी लिखना.
 किसने कहा नहीं आती वो ✒ बचपन वाली बारिश
 तुम भूल गए हो शायद अब नाव बनानी कागज़ की.


 ✒ बचपन में कितने रईस थे हम,
 ख्वाहिशें थी छोटी-छोटी  बस हंसना और हंसाना,
 कितना बेपरवाह था वो बचपन. 


 उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में...
 फिर लौट के ✒ बचपन के ज़माने नहीं आते.
इन्हें भी पढ़े : आवाज़ पर शायरी - Aawaz Par Shayari


  लौटा देती ज़िन्दगी एक दिन नाराज़ होकर,
 काश मेरा ✒ बचपन भी कोई अवार्ड होता. 

 याद आता है वो बीता ✒ बचपन,
 जब खुशियाँ छोटी होती थी.

 बाग़ में तितली को पकड़ खुश होना,
 तारे तोड़ने जितनी ख़ुशी देता था.

Best Bachpan Shayari In Hindi
 हंसने की भी, वजह ढूँढनी पड़ती है अब
 शायद मेरा ✒ बचपन, खत्म होने को है.

 कितने खुबसूरत हुआ करते थे ✒ बचपन के वो दिन
 सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी.

बचपन पर शायरी
 हंसने की भी, वजह ढूँढनी पड़ती है अब;
 शायद मेरा ✒ बचपन, खत्म होने को है.

 किसने कहा नहीं आती वो ✒ बचपन वाली बारिश,
 तुम भूल गए हो शायद अब नाव बनानी कागज़ की.

 खुदा अबके जो मेरी कहानी लिखना,
 ✒ बचपन में ही मर जाऊ ऐसी जिंदगानी लिखना. 

 ✒ बचपन में जहां चाहा हंस लेते थे जहां चाहा रो लेते थे,
 पर अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए और आंसूओं को तनहाई.


 कोई मुझको लौटा दे वो ✒ बचपन का सावन,
 वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी. 

 देर तक हँसता रहा उन पर हमारा ✒ बचपना,
 जब तजुर्बे आए थे संजीदा बनाने के लिए. 



 लाज़वाब बचपन  शायरी
 आते जाते रहा कर ए दर्द
 तू तो मेरा ✒ बचपन का साथी है.

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi

 ✒ बचपन से हर शख्स याद करना सिखाता रहा,
 भूलते कैसे है ? बताया नही किसी ने. 
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 42= बचपन पर शायरी
 चले आओ कभी टूटी हुई चूड़ी के टुकड़े से
 वो ✒ बचपन की तरह फिर से मोहब्बत नाप लेते हैं.

असीर-ए-पंजा-ए-अहद-ए-शबाब कर के मुझे
कहाँ गया मेरा बचपन ख़राब कर के मुझे



इक खिलौना जोगी से खो गया था बचपन में
ढूँडता फिरा उस को वो नगर नगर तन्हा


कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से
कहीं भी जाऊँ मेरे साथ साथ चलते हैं


कुछ नहीं चाहिए तुझ से ऐ मेरी उम्र-ए-रवाँ
मेरा बचपन मेरे जुगनू मेरी गुड़िया ला दे



दादाजी ने सौ पतंगे लूटींटाँके लगे, हड्डियाँ उनकी टूटी,छत से गिरे, न बताया किसी को,शैतानी करके सताया सभी को,बचपन के किस्से सुनो जी बड़ों के।



यारों ने मेरे वास्ते क्या कुछ नहीं किया,
सौ बार शुक्रिया अरे सौ बार शुक्रिया
बचपन तुम्हारे साथ गुज़ारा है दोस्तो
ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तो



Bachpan shayari in hindi



उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते 



देखकर रेल के डिब्बे बुहारता बचपन
लोग कह देते हैं– “ पाँवों पे खड़ा है तो सही”



मुमकिन है हमें गाँव भी पहचान न पाए
बचपन में ही हम घर से कमाने निकल आए
 
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावनवो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी 
 Bachpan shayari in two lines


ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी

मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी


shayari on Bachpan


काग़ज़ की नाव भी है, खिलौने भी हैं बहुत
बचपन से फिर भी हाथ मिलाना मुहाल है



~बचपन में शौक़ से जो घरौंदे बनाए थे
इक हूक सी उठी उन्हें मिस्मार देख कर


मिरी मैली हथेली पर तो बचपन से
ग़रीबी का खरा सोना चमकता है

फिर मुझे याद आएगा ~बचपन
इक ज़माना गुमाँ से गुज़रेगा



मैं ने बचपन की ख़ुशबू-ए-नाज़ुक
एक तितली के संग उड़ाई थी


Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi

उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते




मैं ने बचपन में अधूरा ख़्वाब देखा था कोई
आज तक मसरूफ़ हूँ उस ख़्वाब की तकमील में



shayari on Bachpan ke din in hindi


”घर का बोझ उठाने वाले ब्च्चे की तक़दीर न पूछ
बचपन घर से बाहर निकला और खिलौना टूट गया”


 मुझको यक़ीं है सच कहती थीं जो भी अम्मी कहती थीं
जब मेरे बचपन के दिन थे चाँद में परियाँ रहती थीं


सुकून की बात मत कर ए ग़ालिब
बचपन वाला इतवार अब नही आता !



बचपन में आकाश को छूता सा लगता था
इस पीपल की शाख़ें अब कितनी नीची हैं ~


शहज़ादा सो गया है कहानी सुने बग़ैर
बचपन के ताक़ में रखी गुड़िया उदास है ~सिदरा_सहर_इमरान


जो भूले से बचपन में पकड़ी थी तितली
सुरूर-ए-वफ़ा में भी उतरा वही रंग ~इन्दिरावर्मा



कैसे भूलू बचपन की यादों को मैं,
कहाँ उठा कर रखूं किसको दिखलाऊँ?
संजो रखी है कब से कहीं बिखर ना जाए,
अतीत की गठरी कहीं ठिठर ना जाये.!


Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi


mera Bachpan shayari


चाँदके माथेपर बचपन की चोट के दाग़ नज़र आते हैं
रोड़े,पत्थर और गुल्लोंसे दिनभर खेला करता था
बहुत कहा आवारा उल्काओं की संगत ठीक नहीं!



फ़िक्र से आजाद थे और, खुशियाँ इकट्ठी होती थीं..
वो भी क्या दिन थे,  जब अपनी भी,
गर्मियों की छुट्टियां होती थीं.


Bachpan ki dosti shayari

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi


कैमरे जरा कम थे मेरे गांव में,
जब बचपन देखना होता है,
तो मां की आंखों में झांक लेता हूं।



जो सोचता था बोल देता था,
बचपन की आदतें कुछ ठीक ही थी


कुछ अठन्नी और चार आनों  में,
कुछ मुफ़्त मूमफली के दानों में,
कुछ बंद हो चुकी दुकानों में,

कुछ असभ्यता के मुहानों में,
कुछ ग़ज़लों में कुछ गानों में,
कुछ मशीन से दूर इंसानों में,
कुछ बड़े होने के अरमानों में,!!



उम्र ने तलाशी ली, तो जेब से लम्हे बरामद हुए…
कुछ ग़म के थे, कुछ नम थे, कुछ टूटे…
बस कुछ ही सही सलामत मिले,
जो बचपन के थे…



जो गुज़र गया नादानियों मे
वो वक़्त कमाल था ……..

Bachpan ki shayari hindi


आज बचपन का टूटा हुआ खिलौना मिला…
उसने मुझे तब भी रुलाया था,
उसने मुझे आज भी रुलाया है


बचपना अब भी वही है हममें ….
बस ज़रूरतें बड़ी हो गयीं हैं …।


इन्हें तल्खियों से क्या मतलब, नफरतें भी कहां जानते हैं…
खुशी चेहरे की पढ़ लेते हैं, बच्चे इतना सा मजहब जानते हैं


“उम्र की सिढ़ी चढ़ थकने लगे है…
कदम जो कई छतें लाँघ जाते थे!!”


उम्र-ऐ-जवानी फिर कभी ना मुस्करायी बचपन की तरह;
मैंने साइकिल भी खरीदी, खिलौने भी लेके देख लिए।


2 lines shayari on Bachpan


बचपन में जब
धागों के बीच डब्बे फसाकर
फोन-फोन खेलते थे
नहीं तो मालूम नहीं था
एक दिन इस फोन में
जिन्दगी सिमटती चली जायेगी

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi


ज़िन्दगी छोड़ आया हूँ कहीं उन गलियों मे
जहाँ कभी दौड़ जाना ही ज़िन्दगी हुआ करती थी



हम तो बचपन में भी अकेले थे
सिर्फ़ दिल की गली में खेले थे


बचपन में भरी दोपहरी में नाप आते थे पूरा मोहल्ला…


जब से डिग्रियां समझ में आयी पांव जलने लगे…


बचपन इसलिए भी प्यारा होता हैक्योंकि….. कंधे और दिल दोनोंख़ाली होते हैं,


उम्र ने तलाशी ली, तो कुछ लम्हे
बरामद हुए…… कुछ ग़म के थे,
कुछ नम के थे, कुछ टूटे ।
बस कुछ ही सही सलामत मिले ,

जो बचपन के थे ।



बचपन भगवान की दी हुई सबसे खूबसूरत कृति है।कागज़ के जहाज बरसात के पानी मे चलाकर, गली में सबसे अमीर हुआ करते थे।


छुट गया वो खेलने जाना,
पेडोँ की छाँव मे वक्त बिताना.
वो नदियोँ मे नहाने जाना,
शाम ढले घर वापस आना.


Bachpan shayari in urdu


यादे बचपन कि भूलती नहीं
सच्चाई से हमको मिलाती नहीं
जीना चाहते है हम बचपन फिर से
पर शरारतें बचपन कि अब हमे आती नहीं !



तेरी यादें भी मेरे बचपन के खिलौने जैसी हैं,
तन्हा होती हूँ तो इन्हें लेकर बैठ जाती हूँ…।


ले चल मुझे  बचपन की,
उन्हीं वादियों में ए जिन्दगी…
जहाँ न कोई जरुरत थी,
और न कोई जरुरी था.!!


बचपन की खेल…..
भी गजब की न्यारी थी,,
कभी भट से चिढ़ जाना,,
तो फिर एक पल में भी मान जाना,,
न कोई रंजिश न कोई गम था,,
केवल मस्ती भरी दिन थे,,
और खुशीयों का साया था


बहुत ही संगीन ज़ुर्म को,
हम अंज़ाम देकर आए हैं!
बढ़ती उम्र के साए से,
कल बचपन चुरा लाए हैं!


बचपन के दिन भुला ना देना आज हंसे कल रुला ना देना इचक दाना पिचक दाना, दाने उपर दाना कितना प्यारा था बचपन मस्ताना….


बचपन मे लटटू घुमाते घुमाते, ना जाने कब दुनिया ही घूम गयी।



बचपन के खिलौने सा कही छुपा लू तुम्हे.. आँसू बहाऊ, पाव पटकूं, और पा लू तुम्हें।


Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi


कल हम भी बारिश मे छपाके लगाया करते थे,आज इसी बारिश मे कीटाणु देखना सीख गए,कल बेफिक्र थे कि माँ क्या कहेगी,आज बारिश से मोबाइल बचाना सीख गए,कल दुआ करते थे कि बरसे बेहिसाब तो छुट्टी हो जाए,अब डरते हैं कि रुके ये बारिश कही ड्यूटी न छूट जाए,किसने कहा नहीं आती वो बचपन वाली बारिश,हम ख़ुद अब काग़ज़ की नाव बनाना भूल गए,बारिश तो अब भी बारिश है, हम अपना ज़माना भूल गए…!!




फिर उसके बाद मैं बचपन से निकल आया था, मोहब्बत मेरी आखिरी श़रारत थी…



बचपन की सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी ये थी किबड़े होते ही ज़िन्दगी मज़ेदार हो जाएगी

 झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम
ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम

Bachpan Status | बचपन स्टेटस

Bachpan Shayari in Hindi

*****

बचपन भी कमाल का था
खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें
या ज़मीन पर
आँख बिस्तर पर ही खुलती थी !!

*****

काग़ज़ की कश्ती थी पानी का किनारा था,
खेलने की मस्ती थी ये दिल अवारा था।
कहाँ आ गए इस समझदारी के दलदल में,
वो नादान बचपन भी कितना प्यारा था।
*****

सुकून की बात मत कर ऐ दोस्त
बचपन वाला इतवार अब नहीं आता


Bachpan Shayari in Hindi

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किसने कहा नहीं आती वो बचपन वाली बारिश,
तुम भूल गए हो शायद अब नाव बनानी कागज़ की।


*****

कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन
सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी

Bachpan Shayari in Hindi

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Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi

चलो के आज बचपन का कोई खेल खेलें,
बडी मुद्दत हुई बेवजाह हँसकर नही देखा।


*****

आजकल आम भी पेड़ से खुद गिरके टूट जाया करते हैं,
छुप छुप के इन्हें तोड़ने वाला अब बचपन नहीं रहा।
*****

कोई मुझको लौटा दे वो बचपन का सावन
वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी

Bachpan Shayari

*****

खुदा अबके जो मेरी कहानी लिखना
बचपन में ही मर जाऊ ऐसी जिंदगानी लिखना

*****

जिंदगी फिर कभी न मुस्कुराई बचपन की तरह
मैंने मिट्टी भी जमा की खिलौने भी लेकर देखे
Bachpan Shayari in Hindi

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बचपन में तो शामें भी हुआ करती थी
अब तो बस सुबह के बाद रात हो जाती है
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हंसने की भी, वजह ढूँढनी पड़ती है अब
शायद मेरा बचपन, खत्म होने को है

*****

देर तक हँसता रहा उन पर हमारा बचपना
जब तजुर्बे आए थे संजीदा बनाने के लिए

*****

आते जाते रहा कर ए दर्द
तू तो मेरा बचपन का साथी है

*****

अजीब सौदागर है ये वक़्त भी
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया

Bachpan Shayari

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Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi

काग़ज़ की कश्ती थी पानी का किनारा था
खेलने की मस्ती थी ये दिल अवारा था
कहाँ आ गए इस समझदारी के दलदल में
वो नादान बचपन भी कितना प्यारा था

Childhood Shayari

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चले आओ कभी टूटी हुई चूड़ी के टुकड़े से
वो बचपन की तरह फिर से मोहब्बत नाप लेते हैं

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किसने कहा नहीं आती वो बचपन वाली बारिश
तुम भूल गए हो शायद अब नाव बनानी कागज़ की

Bachpan Shayari

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बचपन के दिन भी कितने अच्छे होते थे
तब दिल नहीं सिर्फ खिलौने टूटा करते थे
अब तो एक आंसू भी बर्दाश्त नहीं होता
और बचपन में जी भरकर रोया करते थे

*****

मुझे फिर से थमा दे ओ माँ
वही मेरे स्कूल का बैग
अब मुझे और नहीं सहा जाता
इस जिन्दगी का भारी बोझ



*****

बचपन में कितने रईस थे हम
ख्वाहिशें थी छोटी-छोटी
बस हंसना और हंसाना
कितना बेपरवाह था वो बचपन

*****

मोहल्ले में अब रहता है
पानी भी हरदम उदास
सुना है पानी में नाव चलाने
वाले बच्चे अब बड़े हो गए

*****

याद आता है वो बीता बचपन
जब खुशियाँ छोटी होती थी
बाग़ में तितली को पकड़ खुश होना
तारे तोड़ने जितनी ख़ुशी देता था

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi
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तभी तो याद है हमे
हर वक़्त बस बचपन का अंदाज
आज भी याद आता है
बचपन का वो खिलखिलाना
दोस्तों से लड़ना, रूठना, मनाना


funny bachpan


वो लड़कीया भी किसी आतंकवादी से कम नही हुआ करती थी...
जो टिचर के क्लास मे आते ही याद
दिला देती है ..
सर आपने टेस्ट का बोला
था..
आजकल के बच्चे क्या समझेंगे

हमने किन मुश्किल परिस्थितियों में पढ़ाई की है,
कभी कभी तो मास्टर जी हमें
मूड फ्रेश करने के लिये ही कूट दिया करते थे

Bachpan Kya Tha Childhood Memories Shayari Status Hindi

मन की बात...
आज कल के बच्चे रिफ्रेश होने के लिए जहाँ वाटर पार्क, गेम सेंटर जाने की जिद करते हैं ...
वहीं हम ऐसे बच्चे थे जो मम्मी-पापा के एक झापङ से ही फ्रेश हो जाते थे.!

वो भी क्या दिन थे....????
जब बच्चपन में कोई रिश्तेदार जाते समय 10 Rs. दे जाता था..
और माँ 8Rs. टीडीएस काटकर 2 Rs. थमा देती थी....!!!

घर का T.V बिगड़ जाए
तो माता-पिता कहते हैं..
बच्चों ने बिगाड़ा है;
और अगर बच्चे बिगड़ जाएं तो
कहते है..
T.V. ने बिगाड़ा है !!!

आज कल के माँ बाप सुबह स्कूल बस में बच्चे को बिठा के ऐसे बाय बाय करते हैं जैसे पढ़ने नहीं विदेश यात्रा भेज रहें हो....
और
एक हम थे जो रोज़ लात खा के स्कूल जाते थे...

4-4साल के बच्चे गाते फिर रहे हैं
"छोटी ड्रेस में बॉम्ब लगदी मैनु"
साला जब हम चार साल के थे तो 1 ही वर्ड याद था..
वही गाते फिरते थे...
"शक्ति शक्ति शक्तिमान-शक्तिमान"

भला हो हनी सिंह और जॉन सीना का..
जिसने आज के बच्चो को फैशन के नाम पे बाल बारीक़ छोटे रखना सीखा दिया..
हमारी तो सबसे ज्यादा कुटाई ही बालो को लेके हुई थी।।
हम दिलजले के अजय देवगन बनके घूमते थे,
और जिस दिन पापा के हाथ लग जाते उस दिन नाईं की दुकान से ओमकारा का लंगड़ा त्यागी बनाके ही घर लाते थे

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