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100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status

100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status

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हमें शायर समझ के यूँ नजर अंदाज मत करिये,
नजर हम फेर ले तो हुस्न का बाजार गिर जायेगा।


हमारी हैसियत का अंदाज़ा तुम ये जान के लगा लो,
हम कभी उनके नहीं होते जो हर किसी के हो गए।

100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status

मेरे दुश्मन भी मेरे मुरीद हैं शायद,
वक़्त-बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं,
मेरी गली से गुजरते हैं छुपा के खंजर,
रुबरू होने पर सलाम किया करते हैं।



हालात के कदमों पर समंदर नहीं झुकते,
टूटे हुए तारे कभी ज़मीन पर नहीं गिरते,
बड़े शौक से गिरती हैं लहरें समंदर में,
पर समंदर कभी लहरों में नहीं गिरते।

महबूब का घर हो या फरिश्तों की हो ज़मी,
जो छोड़ दिया फिर उसे मुड़ कर नहीं देखा।


जुबां पर मोहर लगाना कोई बड़ी बात नहीं,
बदल सको तो बदल दो मेरे खयालों को।


मैं न अन्दर से समंदर हूँ न बाहर आसमान,बस मुझे उतना समझ जितना नजर आता हूँ मैं।
Hindi Attitude Shayari Status

हाथ में खंजर ही नहीं आँखों में पानी भी चाहिए,
हमें दुश्मन भी थोड़ा खानदानी चाहिए।


किसकी मजाल थी जो हमको खरीद सकता था,हम तो खुद ही बिक गए हैं खरीदार देख कर।


हम बसा लेंगें एक दुनिया किसी और के साथ,
तेरे आगे रोयें अब इतने भी बेगैरत नहीं हैं हम।


मेरी तकदीर में जलना है तो जल जाऊँगा,
मैं कोई तेरा वादा तो नहीं जो बदल जाऊँगा,
मुझको न समझाओ मेरी ज़िन्दगी के उसूल,
मैं खुद ही ठोकर खा के संभल जाऊँगा।


देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाहों में हैं गुल खिले हुए
ये गिला है आपकी निगाहों से
फूल भी हो दरमियान तो फासले हुए


 तुझसे मिलना तो अब ✒ ख्वाब सा लगता है,
  इसलिए मैंने तेरे इंतज़ार से मोहब्बत की है.




    नहीं पसंद मोहब्बत में मिलावट मुझको,
   अगर वो मेरा है तो ख्वाब़ भी मेरे देखे.   
100+ ख्वाब शायरी इन हिंदी

     ख्वाब सा था साथ तुम्हारा,
     ख्वाब बन के रह गया.

   तेरे ख्वाबों का भी है शौक़ तेरी यादों में भी है मज़ा,
   समझ नहीं आता सोकर तेरा दीदार करूँ या 
   जाग कर तुम्हें याद.   

    कभी तुम्हरी याद आती है तो कभी तुम्हारे ख्व़ाब आते है,
   मुझे सताने के सलीके तो तुम्हें बेहिसाब आते है. 

   लो अब आवाज दी जाये नींद को,
   कुछ थके थके से लग रहे हैं ✒ ख्वाब मेरे. 


   पूरा नहीं हुआ , तो क्या हुआ,
   दिखाने वाले तेरा ✒ ख्वाब अच्छा था. 
Heart Touching Dream Status  


  वो  बचपन की नींद अब ✒ ख्वाब हो गई,
  क्या उमर थी कि, शाम हुई और सो गये. 


   प्यार का ज़ज़्बा भी क्या क्या ✒ ख्वाब दिखा देता है,
  अजनबी चेहरों को महबूब बना देता है.
ख्वाब शायरी इन हिंदी 


   ख्याल, ✒ ख्वाब,ख्वाहिशे है तुझसे सब,
   हर वक्त तुझे याद करने का   बहाना सब. 


  दिल ने आज फिर तेरे  दीदार की ख्वाहिश रखी है,
  अगर फुरसत मिले तो ✒ ख्वाबों मे आ जाना. 


  ज्यादा ✒ ख्वाब मत बुनिये.
  मिलेगा वही जो मंजूरे   खुदा होगा.


  अधूरे ख्वाब अधूरी मोहब्बते अधूरी ज़िन्दगी,
  चल चाँद तू ही खुश हो जा तू तो पूरा है न आज. 


  शोर न कर धड़कन ज़रा थम जा कुछ पल के लिए
  बड़ी मुश्किल से मेरी आँखों में उसका ख्वाब आया है.   


  जिनकी पलकों पे तेरे ख़्वाब हुआ करते हैं
   ज़िंदगी में वही बेताब हुआ करते हैं.  


  रातों को जागते हैं इसी वास्ते कि ख़्वाब,
  देखेगा बन्द आँखें तो फिर लौट जायेगा .


  ख़्वाब बुनते बुनते एक उम्र हो चली ,
  अब उन ख्वाबो को सिरहाने रख सोने को जी चाहता है 


  ख़्वाब आँखों से गए,नींद रातों से गई
  वो गया तो ऐसे लगा,ज़िंदगी हाँथो से गई.   


  दिल मे घर करके बैठे है ये जो ज़ि  द्दी से ख़्वाब,
  कागज पे उतार मै वो सारे मेहमान ले आऊँ.   


  एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है
  मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की 
                                         

    नींद मिल जाए कहीं तो भेजना जरा,
    बहोत सारे ख्वाब अधूरे है मेरे.  

  आवाज़ दे रहा था कोई मुझ को ख़्वाब में   लेकिन ख़बर नहीं कि बुलाया कहाँ गया

   न नींद, आयी न ख़्वाब आये,   जवाबो में भी कुछ सवाल आये.  


   ख़ुदा नहीं न सही आदमी का ख़्वाब सही,
   कोई हसीन नज़ारा तो है नज़र के लिये.


   तेरी आँखों में कई ख़्वाब छोड़ आए हैं,
   हर इक सवाल का जवाब छोड़ आए हैं. 


   एक ख्वाब ने आँखे खोली हैं, क्या मोड़ आया है कहानी में,
   वो भीग रही थी बारिश में और आग लगी है पानी में.  


   सहर ख़्वाब में तुम फ़िर आये थे,
  सरहाने पे फ़िर आज ओस की बून्दें हैं.  

  
  तेरे ✒ ख्वाबों का भी है शौक़ तेरी यादों में भी है मज़ा,
  समझ नहीं आता सोकर तेरा   
  दीदार करूँ या जाग कर तुम्हें याद.  

  हर रात वही   बहाना है मेरे दिल का,
  मैं सोता हूँ तो तेरा ✒ ख़्वाब आ जाता है.


   तुम्हारी याद में आँखों का रतजगा है,
   कोई  ✒  ख़्वाब नया आए तो कैसे आए.


   ✒  जिस ख्वाब में हो जाए दीदारे नबी हासिल
   ऐ इश्क़ कभी हमको भी वो नींद सुला दे.  


   जो  ✒  ख्वाबों में चले आते तुम्हारा क्या बिगड़ जाता,
   तेरा पर्दा बना रहता,मुझे दीदार हो जाता. 


   हम नींद से उठकर, इधर-उधर ढूंढते हैं तुझे,   ✒  क्यों ख्वाबों में मेरे, इतने करीब चले आते हो तुम❓  


   अब तो इन आँखों से भी जलन होती है मुझे,
   खुली हों तो तलाश तेरी, बंद हों तो ✒  ख्वाब तेरे.  


   रात बड़ी मुश्किल से खुद को सुलाया है मैंने, 
  अपनी आँखों को तेरे ✒  ख्वाब का लालच देकर.  

  मुद्दत हो गयी  ✒  ख्वाब में भी नहीं आया ख्याल नींद का 
   हैरत में हैं दिल, मुझे किसका हैं इंतज़ार. 


   मेरे  ✒ ख्वाबो को, अब बिखरने न देना,
   बहुत प्यार से थामा है, तेरे हाथो को, 
   अपने हाथों में .   

   दीदार तो  ✒ एक ख़्वाब ठहरा, बात भी बेशक़ न हो,   बस एक तेरी ख़ैरियत का, पैग़ाम मिल जाया करे.


   पलकें भी चमक जाती हैं सोते में हमारी,
  आँखो को अभी  ✒  ख्वाब छुपानें नहीं आते.   

   छू जाते हो तुम मुझे हर रोज एक ✒  नया ख्वाब  बनकर   ये दुनिया तो खामखां कहती है कि तुम मेरे करीब नही.


   ज़ीना मुहाल कर रखा है मेरी इन आँखों ने,
   खुली हो तो तलाश तेरी बंद हो तो ✒ ख्वाब तेरे.   


  ता फिर न इंतज़ार में नींद आये उम्र भर, 
  आने का अहद कर गये आये  ✒ जो ख्वाब में.  

100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status

   जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है,
   माँ  दुआ करती हुई ✒ ख्वाब में आ जाती है.


   आज फिर तेरे  दीदार की हसरत दिल ने रखी है
   अगर वक्त मिले तो ✒ ख्वाबो में आ जाना.   


   सज़ा ये है कि नींदें छीन ली दोनों की आँखों से,
   खता ये है कि हम दोनों ने मिलकर  ✒  ख्वाब देखा था.



 सोने लगा हूँ तुझे  ✒ ख्वाब में देखने कि हसरत ले कर,
   दुआ करना कोई जगा ना दे तेरे  दीदार से पहले.


    खिड़की, चाँद, क़िताब और मैं, मुद्दत से एक बाब और मैं,
    शब भर खेलें आपस में , दो आँखें   ✒  इक ख़्वाब और मैं.


   न सिर्फ़ आब, इन आँखों में  ✒ ख़्वाब रखता हूँ,
   मैं वो बादल हूँ, जो सीने में आग़ रखता हूँ .  


   दुनिया है ख़्वाब, हासिल-ए-दुनिया
   ख़याल है इंसान ✒  ख़्वाब देख रहा है ख़याल में .

   मुझे मौत से डरा मत, कई बार मर चुका हूँ   किसी मौत से नहीं कम कोई ✒ ख़्वाब टूट जाना.



   ✒ इक ख़्वाब का ख़याल है दुनिया कहें जिसे है,
   इसमें इक तिलिस्म तमन्ना कहें जिसे. 


  वो जो मुमकिन न हो मुमकिन ये बना देता है,   ✒ ख़्वाब दरिया के किनारों को मिला देता है .
 अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो  तुम मुझे ✒ ख़्वाब में आ कर न परेशान करो.   

   सोने दो मुझे,
   ✒ तुम्हारे ख्वाब भी तो देखने हैं. 



   कल रात भर मैं  ✒ ख्वाब में उसके आगोश में रहा,
   ख्वाब ही सही, मगर कुछ पल तो मैं उसका रहा. 

   ऐसा भी कभी हो मैं जिसे ✒ ख़्वाब में देखूँ
   जागूँ तो वही ख़्वाब की ताबीर बताए

   अगर ख़ुदा न करे सच  ✒ ये ख़्वाब हो जाए
   तेरी सहर हो मेरा आफ़ताब हो जाए 

 ये तो अच्छा है कि मेरे  ✒ हर ख़्वाब पूरे नहीं होते.,
 वरना मेरे दोस्त किस-किस को 
                     

   कल रात भर ✒ मैं ख्वाब में उसके आगोश में रहा,
   ख्वाब ही सही, मगर कुछ पल तो मैं उसका रहा.   


  खुदा का शुक्र है कि ✒ ख्वाब बना दिए,
   वरना तुम्हें देखने की तो हसरत दिल में ही रह जाती.

 ✒ एक ख्वाब ने आँखे खोली हैं, क्या मोड़ आया है कहानी में,
 वो भीग रही थी बारिश में और आग लगी है पानी में.  


    पागल आंखों वाली लड़की
   इतने महेंगे ✒ ख़्वाब ना देखो थक जाओगी
   कांच से नाज़ुक ख़्वाब तुम्हारे
   टूट गए तो पछताओगी .  


   राजे दिल सब बताना चाहता हूँ,
   एक ग़ज़ल तुझ पर सुनाना चाहता हूँ. 
    रात ✒ देखे ख्वाब जो तुम संग मैंने,
    ख्वाब वो सब मैं भुनाना चाहता हूँ .  


   डरते है आग से कही जल न जाये,
   डरते है  ✒ ख्वाब से कहीं टूट न जाये,
   लेकिन सबसे ज़्यादा डरते है आपसे,
   कहीं आप हमे भूल न जाये.




   दिल की हर यादो में, मै सवारूँ तुझे,
   तू दिखे तो इन आँखो में  उतारू तुझे,
   तेरे नाम को जुबा पर ऐसे सजाऊ❓
   सो जाऊ तो  ✒ ख्वाबो मे बस पुकारू तुझे. 


   मेरा  ✒ हर ख्वाब आज हकीकत बन जाये, 
   जो हो बस तुम्हारे साथ ऐसी जिन्दगी बन जाये,
   हम लाये लाखो में एक गुलाब तुम्हारे लिए, 
   और ये गुलाब मोहब्बत की शुरुआत बन जाये .


   किताबों के पन्नो को पलट के सोचता हूँ,
   यूँ पलट जाए मेरी ज़िंदगी तो क्या बात है.
   ✒ ख्वाबों मे रोज मिलता है जो,
    हक़ीकत में आए तो क्या  बात है.   


  दिल की धड़कन को धड़का गया कोई.
  ✒ मेरे ख्वाबों को जगा गया कोई,
  हम तो अनजाने रास्तो पे यूं ही चल रहे थे
  अचानक ही प्यार का मतलब भी सीखा गया कोई. 


   जिसे पाया ना जा सके वो जनाब हो तुम, 
   मेरी जिंदगी का ✒ पहला ख्वाब हो तुम, 
   लोग चाहे कुछ भी कहे लेकिन मेरी ज़िन्दगी का 
   एक सुन्दर सा गुलाब हो तुम.   


  न जाने सालों बाद कैसा समां होगा,
   हम सब दोस्तों में से कौन कहा होगा,
   फिर अगर मिलना होगा तो मिलेंगे ख्वाबों मे,
   जैसे सूखे गुलाब मिलते है किताबों मे. 


  काश उनकी आँखों में भी मेरे लिए ✒ ख्वाब होगा,   उनके दिल के किसी कोने में, हमारे लिए प्यार होगा..
   यही सोच के गुजारता हु, अपनी हर राते,
   शायद कभी उन्हें भी हमारा इंतज़ार होगा.   


   कितना अधूरा लगता है तब,   जब बादल हो पर बारिश ना हो,   जब जिंदगी हो पर प्यार ना हो,   जब आँखे हो पर ✒ ख्वाब ना हो,   और जब कोई अपना हो पर साथ ना हो.


  फ़र्ज़ था जो मेरा निभा दिया मैंने,
  उसने माँगा जो वो सब दे दिया मैंने,
  वो सुनके गैरों की बातें  बेवफ़ा हो गयी,
  समझ के  ✒ ख्वाब उसको आखिर भुला दिया मैंने.   


   मेरे आँखों के ✒  ख्वाब, दिल के अरमान हो  तुम, 
   तुम से ही तो मैं हूँ , मेरी पहचान हो तुम 
  मैं ज़मीन हूँ  अगर तो मेरे आसमान हो तुम, 
  सच मानो मेरे लिए तो  सारा जहां हो तुम


 रात की गहराई आँखों में उतर आई, कुछ  ✒ ख्वाब थे और कुछ मेरी तन्हाई,
 ये जो पलकों से बह रहे हैं हल्के हल्के,
 कुछ तो मजबूरी थी कुछ तेरी  बेवफाई.  


 एक मुस्कान तू मुझे एक बार दे दे,
   ✒ ख्वाब में ही सही, एक   दीदार दे दे.
   बस एक बार कर लें तू आने का वादा,
   फिर उम्र भर का चाहे इंतजार दे दे.  


 हर घडी तेरा दीदार किया करते हैं 
   ✒ हर ख्वाब में तुझसे इज़हार किया करते हैं.
   दीवाने हैं तेरे हम यह इक़रार करते हैं 
   जो हर वक़्त तुझसे मिलने की दुआ किया करते हैं. 

 1 तुमको देखा तो ये खयाल आया
जिंदगी धूप, तुम घना साया


आया ही था ख्याल कि आंखें छलक पड़ी,

मेरे अश्क आपके यादों के 
कितने करीब है.



रात को सोते हुए 
एक बेवज़ह सा ख़्याल आया,

सुबह न जाग पाऊँ तो 
क्या उसे ख़बर मिलेगी कभी.


ख्याल आते ही  उनका ख़ुशनुमा  हो जाती है,

फ़िज़ा हर लम्हा उनकी  उन्हीं यादों का  
ओढे़ लिबास रहता है.





दिल जो अजब शहर था ख्यालों का,
लूटा हुआ है हुस्न वालों का.


जाने क्यों आती है याद तुम्हारी,
चुरा ले जाती है आँखों से नींद हमारी.

अब यही ख्याल रहता है सुबह शाम,
कब होगी तुमसे मुलाकात हमारी.



मिलके भी जो ना मिले,
जिन्दगी का वो ख्याल हो तुम,

ना सुलझेगा जो कभी,
ऐसा पेचीदा कोई सवाल हो तुम.


जीने की तमन्ना हो ,तुम मेरी ज़रूरत हो,

मेरे ख़्याल से ,
तुम बड़ी खुबसूरत हो.



ख्यालों में रात को तेरी तस्वीर बना बैठा,इतनी अच्छी लगी की सीने से लगा बैठा.



मैं पूरे दिन भर ना जाने
कितने चेहरो से रूबरू होता हूँ ,

पर पता नहीं रात को ख्याल,
सिर्फ तुमहारा ही क्युँ आता हैं. 

*** Khwab Shayari in hindi ***

जब भी ख्याल किया तो ख्याल तेरा आया 
जब भी आँखें बंद की तो ख्वाब तेरा आया,
सोचा याद कर लू इस जहाँ को 
मगर जब भी होंठ खोले तो नाम तेरा आया.

100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status


एक तेरा ख़याल ही तो है मेरे पास.!
वरना कौन अकेले में बैठकर मुस्कुराता है?



तमाम ख़्याल तो उन्हीं के हैं
उनके सिवा मेरे दिल में कोई ख़्याल नहीं.

तुम सनम वो ख्याल हो जिसे मैं
हर सुबह देखना पसंद करता हूँ.


तेरी आशिकी इस कदर चढ़ीँ मुझ पर,
अब तो खुद का भी ख्याल नही रहता.

*** Khwab Shayari in hindi ***

किसी को देखकर जीने की 
आदत अच्छी तो नहीं,

मगर सुकून के लिए 
ये ख्याल बुरा तो नहीं.

*** Khwab Shayari in hindi ***

काश उनको कभी 
फुर्सत में ये ख्याल आए, 

कि कोई याद करता है, उन्हें 
जिन्दगी समझ कर.


जब भी किसी को चाहने का सवाल आया,दिल में बस तेरा ही ख्याल आया.

मैं तबाह हूँ तेरे प्यार में 
तुझे दूसरों का ख्याल है,

कुछ तो मेरे मसले पर गौर कर 
मेरी जिन्दगी का सवाल है.


*** Khwab Shayari in hindi ***

बेखयाली में भी तेरा ख्याल आये,
क्यों जुदाई दे गया तू ये सवाल आये,

थोड़ा सा मै खफा हो गया अपने आप से,
थोड़ा सा तुझ पे भी बेवजह ही मलाल आये.


एक ख्याल ही तो हूँ मैं ,
याद रह जाऊँ तो याद रखना,

वरना सौ बहाने मिलेंगे
भूल जाना मुझे.


*** Khwab Shayari in hindi ***

क्यू जीने नहीं देता है 
तेरा ख्याल सर्द रातो मे,

ना जाने कितनी उलझने है 
इश्क भरी आँखो मे.

*** Khwab Shayari in hindi ***

जब तेरे ख्याल से मुलाकात हो जाती है,
तूझे याद करते करते रात हो जाती है,

रूकता नहीं है सिलसिला इरादों का मेरे,
जब ख्वाबों से रूबरू बात़ हो जाती है.

*** Khwab Shayari in hindi ***

कदर कर लो उनकी जो तुम से 
बिना मतलब की चाहत करते है

दुनिया में ख्याल रखने वाले कम 
और तकलीफ देने वाले ज्यादा होते है.

*** Khwab Shayari in hindi ***

एक दिन यादों में सिमटे, 
ख़्याल मेरा तुझे भी आएगा,

हो सकता है मुझे खो देने का मलाल,
उस दिन तुझे भी रुलाएगा.


*** Khwab Shayari in hindi ***

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है,
दिल न चाह कर भी, खामोश रह जाता है.

कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है,
कोई कुछ न कहकर भी, सब बोल जाता है.

*** Khwab Shayari in hindi ***

सोए हुए थे सुकून से 
अचानक तड़प उठे,

यूँ आकर तेरे ख्याल ने 
अच्छा नहीं किया.

*** Khwab Shayari in hindi ***


मेरा ख्याल तुझको भला आये भी तो क्यों ?
में तो तेरे ख्याल से आगे की चीज हूँ.

*** Khwab Shayari in hindi ***

ख्याल-ए-इश्क़ बस 
आपका ही आता है,

ना जाने आपसे हमारा,
कौन से जन्म का नाता है?

*** Khwab Shayari in hindi ***

अगर बात ख्याल की करे तो, 
बस इतना कहेगे,

तुम से जुड़ा हो तो हसीन 
और तुम्हारा हो तो बेहतरीन.

*** Khwab Shayari in hindi ***

छू गया जब कभी ख्याल तेरा,
दिल मेरा देर तक धड़कता रहा, 

कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया घर में,
और  घर देर तक महकता रहा.


वो शख्स रहता है हर वक्त 
मेरे खयालों में इस तरह,

कि अब किसी और के ख्वाब 
देखने की जरुरत नहीं मुझे.

*** Khwab Shayari in hindi ***

अभी अभी भूले भी ना थे तुम्हें, 
ख़याल बन के फ़िर, तुम आ गए,

साँसों की सरजमीं पर 
बरसात ला गए,

एक झपकी में तेरे 
सौ ख़्वाब आ गए.

दिल्लगी हद से न गुज़रे,
ये ख्याल रखियेगा,

जान पे बन आती है मोहब्बत में ,
ये ख्याल रखियेगा.

ख्याल में आता है जब भी उसका चेहरा,तो लबों पे अक्सर फरियाद आती है,
भूल जाता हूँ सारे ग़म और सितम उसके,जब ही उसकी थोड़ी सी मोहब्बत याद आती है.

100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status

*** Khwab Shayari in hindi ***

वो कब का भूल चुका होगा 
हमारी वफ़ा का किस्सा,

बिछड़ के किसी को 
किसी का ख्याल कब रहता है.


अपने महबूब को 
गजल के रूप में सवारूँ कैसे?

वो मेरे ख्यालों से 
बढ़ कर खूबसूरत है.


तेरे बगैर जीने का ख्याल एक क़यामत है,
और तेरा दीदार भी क़यामत से कम नहीं.

*** Khwab Shayari in hindi ***

तुम्हें सोच कर एक ख़्याल आया,
तुम ख्यालो मे कितने अच्छे लगते हो.

*** Khwab Shayari in hindi ***

ज़माने भर के दिलों में ख़याल मौत का है,कोई बताए कि क्या हाल-चाल मौत का है,
मैं जी रहा था तो इस ज़ीस्त से गिला था मुझे,जो मर गया हूँ तो मुझको मलाल मौत का है.

उसका ख्याल तो छोड़ दे लेकिन 
बस एक छोटी सी उलझन है,

सुना है दिल से धड़कन की जुदाई पर 
मौत होती है.
*** Khwab Shayari in hindi ***

क्या कहूँ, मेरा जो हाल है,
रात दिन, तुम्हारा ही खयाल है.


दिल बहल तो जायेगा इस ख़याल से,
हाल मिल गया तुम्हारा अपने हाल से,

रात ये क़रार की बेक़रार है,
तुम्हारा इन्तज़ार है.


*** Khwab Shayari in hindi ***

काश कभी यूं हो , 
न हसरतें न जुनू हो,

तेरा ख्याल हो और तू हो, 
दिल में बस सुकूँ हो.  

*** Khwab Shayari in hindi ***

सब कुछ मिला सुकून की दौलत नहीं मिली, 
एक तुझको भूल जाने की मौहलत नहीं मिली, 

करने को बहुत काम थे अपने लिए मगर, 
हमको तेरे ख्याल से कभी फुर्सत नहीं मिली.

*** Khwab Shayari in hindi ***

अकेले रहने की ख़ुद ही सज़ा क़ुबूल की है 
ये हम ने इश्क़ किया है या कोई भूल की है,
ख़याल आया है अब रास्ता बदल लेंगे 
अभी तलक तो बहुत ज़िंदगी फ़ुज़ूल की है.

*** Khwab Shayari in hindi ***

अब तो इन आँखों से भी 
जलन होती है मुझे,

खुली हो तो ख्याल तेरे 
बंद हो तो ख़्वाब तेरे.

*** Khwab Shayari in hindi ***

लिख दूं वो अल्फ़ाज़ हो तुम
सोच लूं वो ख्याल हो तुम,

*** Khwab Shayari in hindi ***

काश कभी यूं हो
न हसरतें ,न जुनू हो,

तेरा ख्याल हो और तू हो, 
दिल में बस सुकूँ हो.

*** Khwab Shayari in hindi ***

तुम सोचो और ख़्याल पूरा हम करेंगे
मोहब्बत में दो रंग और ज्यादा भरेंगे,

तुझे अपनी जिंदगी माना है ऐ सनम
आखरी सांस तक मोहब्बत बेपनाह करेंगे.


जिसे याद कर लेने से 
होंठों को हँसी छू जाये,
एक ऐसा ही खूबसूरत 
मेरे दिल का खयाल हो तुम. 

ऐसा नहीं कि शख्स 
अच्छा नहीं था वो,

जैसा मेरे ख्याल में था
बस वैसा नहीं था. 

*** Khwab Shayari in hindi ***

मेरी ज़िन्दगी का सबसे 
ख़ूबसूरत ख़्याल हो तुम,

इश्क़ और इबादत दोनो में 
बेमिसाल हो तुम.


ख्वाब, ख्याल, मोहब्बत, 
हक़ीक़त, गम और तन्हाई

ज़रा सी उम्र मेरी, 
किस-किस के साथ गुज़र गयी.

*** Khwab Shayari in hindi ***

मेरी मोहब्बत सच्ची है 
तुम मुझे हर हाल में मिल जाओ

लगे हों लाख पहरे तो क्या 
तुम मुझे ख्याल में मिल जाओ. 


रूठने मनाने के 
सिलसिलों में रखना ख्याल,

कहीं मोहब्बत 
दम न तोड दे.

अभी तो दिल कर रहा है 
कि बस सो जाऊं,

तेरे ख्यालों के घने जंगल में 
खो जाऊँ.


*** Khwab Shayari in hindi ***

मेरे ख्याल से अब हम,
तेरे ख्याल में भी नहीं रहे.

*** Khwab Shayari in hindi ***
एक ख्याल तुम,
उस ख्याल से बे हाल हम.

*** Khwab Shayari in hindi ***

कुछ दर्द कुछ नमी कुछ बातें जुदाई की,
गुजर गया ख्यालों से तेरी याद का मौसम.

*** Khwab Shayari in hindi ***

दूरी ने कर दिया है 
तुझे और भी करीब,

तेरा ख्याल आ कर न जाये 
तो क्या करूँ?

*** Khwab Shayari in hindi ***

इश्क़ के ख़याल बहुत हैं,
इश्क़ के चर्चे बहुत हैं.

सोचते हैं हम भी कर ले इश्क़.
पर सुनते हैं इश्क़ में खर्चे बहुत हैं.
100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status


तेरे साथ गुजरा लम्हा जब भी याद आएगा,इस जनम के बाद भी तेरा ख्याल लाएगा,

अगर बक्शी बार -बार ज़िन्दगी खुदा ने,
तुझसे दोस्ती करना ये दिल हर बार चाहेगा. 

*** Khwab Shayari in hindi ***

जब भी तुम्हें मेरा ख्याल आये,
तो बस तुम अपना ख्याल रखना.

*** Khwab Shayari in hindi ***

सुबह ख़ूबसूरत है, 
या तुम्हारा ख़याल,

जो भी है ख़ुदा क़सम, 
बस है लाजवाब.

*** Khwab Shayari in hindi ***

जीने की वजह हो आप,
प्यार के खयाल हो आप.


हम लापरवाह है, मगर फिर भी
हमें सबका ख़्याल रखना आता है,


दूर रहने वाले तुझसे 
यही बस यही कहूँगा कि,

जब भी मेरा ख्याल आये तुम 
अपना ख्याल रखना.


*** Khwab Shayari in hindi ***

तेरा ख्याल तेरा ध्यान बन के आयेंगे
तेरी ज़मी पे आसमान बन के आयेंगे,

बड़ी मुश्किल से हमें लोग समझ पाएं हैं
अगली बार कुछ आसान बन के आयेंगे.


*** Khwab Shayari in hindi ***

जो कदम कदम चलूं तुझे ही तय करूँ मै
सांसे बन के तुझे ओढ़ लूँ

तू ख्याल सा मिला है जिसको गिन सकूँ मै
आदतों में तुझे जोड़ लूँ.


सुनो हर सुबह ख्याल बन के, 
चले आते हो,

आपको और कोई कांम 
नहीं हैं क्या?


छोड़ दिया है हमने 
लोगों के ख्याल में जीना,

हम लोगो से नही 
बिहारी जी से इश्क़ करते हैं.


मायूस ना हो उसको तेरा ख्याल है, 
सब कुछ पता है उसको तेरा जो हाल है, 

तुझको गले लगाएगा मेरा यार संवारा, 
मुझको यकीन है आएगा मेरा यार संवारा.
'

मुझे इश्क़ नहीं आता
मुझे ख्याल रखना आता है.

*** Khwab Shayari in hindi ***

आशिकी मेरी यूँ बिखर जाये,
आप ही आप फिर नज़र आये,

प्यार करती हूँ आपको जितना,
आपको भी मेरा ख्याल आये.

*** Khwab Shayari in hindi ***

आशिकी हैं तुझे से ऐसी की 
मेरे हर ख्याल बस तू है, 

मोहब्बत बयान करने लिए तो 
बस यही काफी हैं.

की मेरी सूबह तेरे नाम से शुरू और
तेरे नाम से खतम होती हैं.


तुम्हारी याद मेरे ख्याल
से ब्याही हुई है

खुदा करे ये जोड़ी
हमेशा सलामत रहे.

*** Khwab Shayari in hindi ***

तरह-तरह से भुलाया मगर 
ये हाल हुआ.,

हर एक खयाल से पैदा
तेरा खयाल हुआ.


किसके ख्याल से रोशन है 
ये दुनिया मेरी,

तुमको सोचूँ तो 
मोहब्बत की महक आती है.


रोज आता है मेरे दिल को 
तसल्ली देने,

ख्याल-ए-यार को 
मेरा ख्याल कितना है.

100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status

*** Khwab Shayari in hindi ***

मेरे ख़्याल-ए-इश्क़ में 
बस इतना ही सुकूँ हैं,
कि, वो सिर्फ़ मेरी है, 
औऱ मैं सिर्फ़ उसका.


इश्क का ख्याल
और ख्याल में है इश्क,

मत पूछ 
किस हाल में है इश्क?

*** Khwab Shayari in hindi ***

तेरा ख्याल, तेरा ही चेहरा, 
तेरी ही सदा है,

इश्क कुछ और नही 
बस तेरी ही अदा है.


तेरे ख्याल से ही एक रौनक 
आ जाती है दिल में,

तुम रूबर आओगे तो 
जाने क्या आलम होगा?

मत कर तु मुझसे मोहब्बत
हक़ है तुझको,

फिर भी उम्र भर तेरा 
खयाल दिल से ना जाने दूंगा.


जब कोई ख्याल दिल से टकराता है,
दिल ना चाहकर भी, खामोश रह जाता है,

कोई सब कुछ कहकर प्यार जताता है,
कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता है.

*** Khwab Shayari in hindi ***

सवाल का जवाब 
सवाल में ही मिला मुझे,

वो शख्स मेरा ख्याल था 
ख्याल में ही मिला मुझे.


 ​खयालों में ​उसके मैंने 
बिता दी ज़िंदगी सारी,
​​इबादत कर नहीं पाया 
खुदा नाराज़ मत होना​.

*** Khwab Shayari in hindi ***

इश्क हो या इबादत हो 
अब कुछ समझ नहीं आता,

एक खुबसूरत ख्याल हो तुम 
जो दिल से नहीं जाता.


उस ख़्याल पर ही मुझे 
प्यार आ जाता है,

ज़िक्र जिसमें तेरा 
इक बार आ जाता है.


शायद उम्र भर की जुदाई का
ख्याल आया था उसे,

वो मुझे पास 
अपने बैठा के रोई.


तेरा ज़िक्र तेरी फिक्र 
तेरा एहसास तेरा ख्याल,

तू खुदा नहीं फिर 
हर जगह मौज़ूद क्यूँ है?


बेरुख़ी भी इतनी की 
ख़ुद का ही ख़्याल नही,

वो हाल पूछते रहे 
इधर कोई ज़बाब नही.


रोज़ आता है मेरे दिल को
तसल्ली देने, 

ख्याल-ए-यार को मेरा
खयाल कितना है.


कितना अजीब है, 
अन्दाज तेरी मोहब्बत का.

रुला के कहते हाे 
अपना ख्याल रखना.

तुम्हारे पैरो में 
दर्द नहीं होता क्या?

सारा दिन मेरे ख्यालों में 
घूमती रहती हो?



तेरे ख़्याल में जब 
बे-ख़्याल होती हूँ,

ज़रा सी देर को ही सही, 
बेमिसाल होती हूँ.



इसी ख्याल से गुज़री है 
शाम-ए-दर्द अक्सर,

कि दर्द हद से जो गुज़रेगा 
मुस्कुरा दूंगा.

*** Khwab Shayari in hindi ***

किसी ने पूछा हमसे 
कहाँ से लाते हो ये शायरी,

मैं मुस्करा के बोला 
उसके ख्यालो मे डूब कर.

*** Khwab Shayari in hindi ***

बैठे थे अपनी मस्ती में 
के अचानक तड़प उठे,

आकर तेरे ख़्याल ने, 
अच्छा नहीं किया.

यादें अपनी साथ ले जाओ 
मुझ को क्यो तड़पाती हैं,

मेरे ख्याल मेरे नस नस मे 
इस तरह कब्जा जमाती हैं.

*** Khwab Shayari in hindi ***

शाम होती है 
परिन्दे घर को आते हैं,

और हम तो दिवानें हैं 
तेरे ख्यालों में खो जाते हैं.


ख्वाब ख्याल, मोहब्बत, हक़ीक़त,
गम और तन्हाई,

ज़रा सी उम्र मेरी 
किस-किस के साथ गुज़र गयी.

*** Khwab Shayari in hindi ***

एक शाम और ढली तेरे ख्याल लिए
अब हसरतों का  कारवाँ रातभर चलेगा.


100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status

अब ना आना मेरे ख्यालो में तुम 
तुमको अब मैं भुलाने जा रहा हूँ.


सो गई हैं शहर की सारी गलिया… अब
उसकी ख्यालों में जागने की बारी मेरी है

कुछ लोग कहते है की बदल गये हैं हम
उनको ये नहीं पता की संभल गये हैं अब हम

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सामान बाँध लिया है मैंने अपना अब बताओ
कहाँ रहते हैं वो लोग जो कहीं के नहीं रहते

सभी रहो सभी मंजिलों में फैले थेमगर कुछ रास्ते से हुड से जायदा गुजर जाना बनता है

*** Khwab Shayari in hindi ***

अब तो खुद से भी मिलने को जी नहीं करता
बहुत बुरे हैं हम अब लोगो ये यही सुना है

*** Khwab Shayari in hindi ***

वो साथ थी तो मानो जन्नत थी जिंदगी
अब तो हर सांस जिंदा रहने की वजह पूछती है.

*** Khwab Shayari in hindi ***

दिल की बस्ती को वीरान कर के चला गया
जो कहता था बडे प्यारे हो तुम

*** Khwab Shayari in hindi ***

मेरी जिंदगी में कोई खास नहीं आता
वो क्या है के मैं किसी और को रास नहीं आता

*** Khwab Shayari in hindi ***

मेरी सरगोशियां जब खामोशियाँ बन जाएं
मेरी तनहाइयाँ तेरी मजबूरिया न बन जाएं

*** Khwab Shayari in hindi ***

थोडी सी जगह माँगी थी दिल मैं इसके मुसाफिरों की तरह
इसने तो तन्हाई मैं पूरा शहर मेरे नाम कर दिया


मन के खुद चल कर आये है तेरी दहलीज पर हम
सितम सितम और सितम ये जहा का इन्साफ है


मैंने शाहों की मोहब्बत का भरम तोड़ दिया
मेरे कमरे में भी एक ताजमहल रखा है


बसा कर खुद को मेरी आँखों में चले हो कहाँ
ये सहेर इश्क है यहाँ हिजरत की इजाजत नहीं

*** Khwab Shayari in hindi ***

इसने तोडा मेरा दिल इससे कोई शिकायत नहीं
ये इसकी अमानत है इसे अच्छा लगा तो हमने छोड दिया

2 Line Khwab Shayari
ख्वाबों में आ कर सताते हो क्यूँ मुझको
खुद सोते हो चैन से और मुझे जगाते हो

*** Khwab Shayari in hindi ***

मैं अपनी वफा का हिसाब जो करने बैठो
तो तुम मेरे हर्फ का भी हिसस लौटा न सकोगे

*** Khwab Shayari in hindi ***

मांगते है मुझ से लोग तेरी मोहब्बत सबूत
मेरी महेंदी का लाल रंग तेरी चाहत की निशानी

*** Khwab Shayari in hindi ***

मैं चाहता हूँ तेरा राब्ता न हो मुझ से
मैं चाहता हूँ मेरे सारे दुख दर्द दूर हो जाये

*** Khwab Shayari in hindi ***

ज़िन्दगी तेरे बिन क्या से क्या हो गई


तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता
पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी


मेरे साथ मजाक मत करना, इन दिनों मैं बहुत संजीदा हूँ

*** Khwab Shayari in hindi ***

चढ गया बुखार लग नजर जमाने को
क्या जरूरत थी बे नकाब आने को


यादों की महफिल मैं यार कम नहीं मिलेंगे
मिल जायेंगे हम जैसे पर हम न मिलेंगे

एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है

मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की ~Gulzar

***

दिल मे घर करके बैठे है ये जो ज़िद्दी से ख़्वाब।

कागज पे उतार मै वो सारे मेहमान ले आऊँ।।

***

तू मेरा ख़्वाब न बन..तू अस्ल बन..

तू धुंध न बन..उजली धूप सा बन..!

***

न नींद, आयी न ख़्वाब आये…

जवाबो में भी कुछ सवाल आये.

***

ख़्वाब-ओ-उम्मीद का हक़, आह का फ़रियाद का हक़,

तुझ पे वार आए हैं ये तेरे दिवाने क्या क्या !!

***

ख़्वाब आँखों से गए,नींद रातों से गई

वो गया तो ऐसे लगा,ज़िंदगी हाँथो से गई

***

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Khwab Status Pictures


बुला रही हैं हमें तल्ख़ियाँ हक़ीक़त की

ख़याल-ओ-ख़्वाब की दुनिया से अब निकलते हैं

*** Khwab Shayari in hindi

अगर ख़ुदा न करे सच ये ख़्वाब हो जाए

तेरी सहर हो मेरा आफ़ताब हो जाए ~दुष्यंत कुमार

***

खुली फ़िज़ाओं के आदी हैं ख़्वाब के पंछी

उन्हें क़फ़स में कहाँ आप पालने निकले

***

दुनिया है ख़्वाब,हासिल-ए-दुनिया ख़याल है,

इंसान “ख़्वाब” देख रहा है ख़याल में

***

नींद में खुलते हुए “ख़्वाब” की उर्यानी पर,

मैं ने बोसा दिया महताब की पेशानी पर

***

गई रात भी उस “ख़्वाब” को ढूँढने में ज़ाया हुई

कुछ “ख़्वाब” खो गए हैं आँखों के बियाबाँ में

***

रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को,

मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी !! – जलील मानिकपुरी

*** Khwab Shayari in hindi ***

जिस क़दर चाहिए बिठलाइए पहरे दर पर,

बंद रहने के नहीं ख़्वाब में आने वाले !!

***

किस अजब साअत-ए-नायाब में आया हुआ हूँ,

तुझ से मिलने मैं तिरे ख़्वाब में आया हुआ हूँ !!

***

वो जो मुमकिन न हो मुमकिन ये बना देता है,

ख़्वाब दरिया के किनारों को मिला देता है!!

***

इक ख़्वाब का ख़याल है दुनिया कहें जिसे है

इसमें इक तिलिस्म तमन्ना कहें जिसे

***

“ख़्वाब” बुनते – बुनते एक उम्र हो चली ,

अब उन ख्वाबो को सिरहाने रख सोने को जी चाहता है

*** Khwab Shayari in hindi ***

ख़ुदा नहीं न सही आदमी का ख़्वाब सही

कोई हसीन नज़ारा तो है नज़र के लिये

***

कहानियाँ हीं सही सब मुबालग़े ही सही

अगर वो ख़्वाब है ताबीर कर के देखते हैं

***

मेरे बाज़ुओं में थकी-थकी,अभी महव-ए-ख़्वाब है चांदनी

न उठे सितारों की पालकी,अभी आहटों का गुज़र न हो

***

तुम्हारे ख़्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं,

सज़ाएँ भेज दो हम ने ख़ताएँ भेजी हैं !! –गुलज़ार

*** Khwab Shayari in hindi

उठो ये मंज़र-ए-शब-ताब देखने के लिए,

कि नींद शर्त नहीं ख़्वाब देखने के लिए !! -इरफ़ान सिद्दीक़ी

***

ख़्वाब बुनिये, ख़ूब बुनीये, मगर इतना सोचिये इसमें है

ताना ही ताना, या बाना भी है ~ असर लखनवी

ख़्वाब ही में देख ले ताबीर-ए-ख़्वाब,

कौन ऐसा पेश-बीं^ है इश्क़ है !!
100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status

*** Khwab Shayari in hindi ***

मुझे मौत से डरा मत, कई बार मर चुका हूँ

किसी मौत से नहीं कम कोई ख़्वाब टूट जाना

***

है शहर-ए-ख़्वाब का हर शख़्स साहिबे गुफ़तार,

है तुम में भी ये हुनर तो हमारे साथ चलो

***

ज़ख्म क्या उभरे हमारे दिल में उनके तीर के

गुल खिले गोया कि ख़्वाब-ए-इश्क़ की ताबीर के!

***

क्या क़यामत है कि आरिज़ उनके नीले पड़ गए,

हमने तो बोसा लिया था ख़्वाब में तस्वीर का !!

*** Khwab Shayari in hindi ***

रातों को जागते हैं इसी वास्ते कि ख़्वाब,

देखेगा बन्द आँखें तो फिर लौट जायेगा !!

***

कल तो आएगा मगर आज न आएगा कभी,

ख़्वाब-ए-ग़फ़लत में जो हैं उन को जगाते चलिए!!

***

उस तश्ना-लब की नींद न टूटे दुआ करो,

जिस तश्ना-लब को ख़्वाब में दरिया दिखाई दे!!

***

मैं खुद ही ख़्वाब-ए-इश्क़ की ताबीर हो गया,

गोया हर इक बशर तेरी तस्वीर हो गया !!

*** Khwab Shayari in hindi ***

सुपुर्द कौन से क़ातिल को ख़्वाब करना है,

फिर एक बार हमें इन्तख़ाब करना है !!

***

वो जो मुमकिन न हो मुमकिन ये बना देता है,

ख़्वाब दरिया के किनारों को मिला देता है !! -तैमूर हसन

***

इक मुअम्मा है समझने का न समझाने का,

ज़िंदगी काहे को है ख़्वाब है दीवाने का !!

***

इस बज़्म में इक जश्न-ए-चराग़ाँ है उन्ही से,

कुछ ख़्वाब जो पलकों पे उजाले हुए हम हैं

***

उठो ये मंज़र-ए-शब-ताब देखने के लिए

नींद शर्त नहीं ख़्वाब देखने के लिए -इरफ़ान सिद्दीक़ी

*** Khwab Shayari in hindi ***

मरीज़-ए-ख़्वाब को तो अब शिफ़ा है,

मगर दुनिया बड़ी कड़वी दवा थी !!

***

रोज़ आ जाते हो तुम, नींद की मुंडेरों पर,

बादलों मे छुपे एक ख़्वाब का मुखड़ा बन कर

***

दामन-ए-ख़्वाब कहाँ तक फैले रेग की मौज कहाँ तक जाए !

हर तरफ़ बिखरे हैं रंगीं साए, राह-रौ कोई न ठोकर खाए !!

*** Khwab Shayari in hindi ***

आशिक़ी में ‘मीर’ जैसे ख़्वाब मत देखा करो,

बावले हो जाओगे महताब मत देखा करो !!

***

है शहर-ए-ख़्वाब का हर शख़्स साहिबे गुफ़्तार है

तुम में भी ये हुनर तो हमारे साथ चलो

***

दुनिया है ख़्वाब, हासिल-ए-दुनिया
ख़याल है इंसान ख़्वाब देख रहा है ख़याल में ….

***

मेरे ख़याल-सा है, मेरे ख़्वाब जैसा है

तुम्हारा हुस्न महकते गुलाब जैसा है.!!.

***

चले ही जाते हैं इक और ख़्वाब के पीछे,

सराब बनके यक़ीं को गुमान खींचता है !!

***

ख़्वाब किस्सा ख्याल अफसाना हाए उर्दू जबान की दिल्ली

कुछ यकीं कुछ गुमाँ की दिल्ली अनगिनत इम्तेहां की दिल्ली


*** Khwab Shayari in hindi ***

चिराग़ अपनी थकन की कोई सफ़ाई न दे

वो तीरगी है के अब ख़्वाब तक दिखाई न दे

***

रखा घर में क्या है के तरतीब दूँ जिसे

कुछ ख़्वाब हैं इधर से उधर कर रहा हूँ मैं.!!

***

दिखाई जाने क्या दिया है जुगनुओं को

ख़्वाब में खुली है जबसे आँख आफताब माँगने लगे
***

ये ज़िन्दगी सवाल थी जवाब माँगने लगे

फरिश्ते आ के ख़्वाब मेँ हिसाब माँगने लगे

*** Khwab Shayari in hindi

हसरतें जितनी भी थीं सब आह बनके उड़ गईं

ख़्वाब जितने भी थे सब अश्के-रवाँ मे खो गए

***

जागती आँखों को मेरी बारहा धोखा हुआ

ख़्वाब और ताबीर अक्सर एक जैसे हो गए

***

न मिल पाई ताबीर लेकिन ये दिल

हँसी ख़्वाब से हि बहलता रहा.!!

***

वो अक़्सर तोलता है ख़्वाब और सिक्के तराज़ू में

ख़ुशी पाने में इक सिक्का हमेशा कम निकलता है

***

न सिर्फ़ आब, इन आँखों में ख़्वाब रखता हूँ

मैं वो बादल हूँ, जो सीने में आग़ रखता हूँ.!!

***

जिनकी पलकों पे तेरे ख़्वाब हुआ करते हैं

ज़िंदगी में वही बेताब हुआ करते हैं.!!

*** Khwab Shayari in hindi ***


तेरी आँखों में कई ख़्वाब छोड़ आए हैं

हर इक सवाल का जवाब छोड़ आए हैं.!!

***

बे-ख़्वाब सा’अतों का परस्तार कौन है

इतनी उदास रात में बे-दार कौन है..!!

*** Khwab Shayari in hindi

खिड़की, चाँद, क़िताब और मैं, मुद्दत से एक बाब और मैं ।।

शब भर खेलें आपस में , दो आँखें इक ख़्वाब और मैं

 तू पास भी हो तो दिल बेक़रार अपना है
के हम को तेरा नहीं इंतज़ार अपना है

मिले कोई भी तेरा ज़िकर छेड़ देते हैं
के जैसे सारा जहाँ राज़दार अपना है

वो दूर हो तो बजा तर्क -ऐ -दोस्ती का ख्याल
वो सामने हो तो कब इख्तियार अपना है. 

100+ Top Best Dream Khwab Hindi Shayari Status

ज़माने भर के दुखों को लगा लिया दिल से
इस आसरे पर के इक गमगुसार अपना है

“फ़राज़” राहत-ऐ-जान भी वही है क्या कीजिये
वो जिस के हाथ से सीनाफिगार अपना है ​

जान से इश्क़जान से इश्क़ और जहाँ से गुरेज
दोस्तों ने किया कहाँ से गुरेज
इब्तदा की तेरे कसीदे की
अब मुश्किल करू कहाँ से गुरेज
में वहाँ हूँ जहाँ जहाँ तुम हो
तुम करोगे कहाँ कहाँ से गुरेज
कर गया तेरे मेरे किस्से मैं
दास्ताँ वो जहाँ वहाँ से गुरेज

तेरे ख्वाब
बड़ी मुश्किल से सुलाया था खुद को “फ़राज़” मैंने आज
अपनी आँखों को तेरे ख्वाब का लालच दे कर

उस की हर बात
यही सोच कर उस की हर बात को सच माना है “फ़राज़ “
के इतने ख़ूबसूरत लव झूट कैसे बोलेंगे .

ज़िन्दगी
ज़िन्दगी तो अपने ही क़दमों पे चलती है “फ़राज़ “
लोगो के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं

हमें तुम से प्यार है
हम पे फ़क़त इलज़ाम के हम हैं ज़ुबान दर्ज़ “फ़राज़”
हम ने तो बस कहा था हमें तुम से प्यार है

वो बेवफा न थावो बेवफा न था यूं ही बदनाम हो गया ” फ़राज़ “
हज़ारों चाहने वाले थे किस किस से वफ़ा करता वो

तेरा न हो सका
तेरा न हो सका तो मर जाऊंगा “फ़राज़ “
कितना खूबसूरत वो झूट बोलता था

हम न बदलेंगे
हम न बदलेंगे वक़्त की रफ़्तार के साथ ‘”फ़राज़”‘
हम जब भी मिलेंगे अंदाज़ पुराना होगा …

खुद ही बिक गएकिस की क्या मजाल थी जो कोई हम को खरीद सकता “फ़राज़”
हम तो खुद ही बिक गए खरीदार देख कर

कौन देता है उम्र भर का सहारा ऐ “फ़राज़’लोग तो जनाज़े में भी कंधे बदलते रहते हैं

यह वफ़ा तो
यह वफ़ा तो उन दिनों की बात है “फ़राज़”
जब मकान कच्चे और लोग सच्चे हुआ करते थे


इश्क़ का नशा
कुछ इश्क़ का नशा था पहले हम को “फ़राज़”.
दिल जो टूटा तो नशे से मोहब्बत हो गई .

मिले तो कुछ कह न सके
हम उन से मिले तो कुछ कह न सके “फ़राज़”
ख़ुशी इतनी थी के मुलाक़ात आँसू पोंछते ही गुज़र गई


प्यासे गुज़र जाते हैं
तू किसी और के लिए होगा समंदर-ऐ -इश्क़ “फ़राज़”
हम तो रोज़ तेरे साहिल से प्यासे गुज़र जाते हैं

किसी से जुदा होना
किसी से जुदा होना अगर इतना आसान होता “फ़राज़”
जिस्म से रूह को लेने कभी फरिश्ते न आते

मुलाक़ात
हम उन से मिले तो कुछ कह न सके “फ़राज़ ”
ख़ुशी इतनी थी के मुलाक़ात आँसू पोंछते ही गुज़र गई

गुनहगार
लोग पत्थर के बूतों को पूज कर भी मासूम रहे “फ़राज़”
हम ने एक इंसान को चाहा और गुनहगार हो गए

मेरी ख़ामोशी
वो अब हर एक बात का मतलब पूछता है मुझसे “फ़राज़”
कभी जो मेरी ख़ामोशी की तफ्सील लिखा करता था

प्यार की गहराइयाँ
हमे तो प्यार की गहराइयाँ मालूम करनी थी “फ़राज़”
यहाँ नहीं डूबता तो कहीं और डूबे होते

सोच में  गुम हैंउँगलियाँ आज भी इस सोच में  गुम हैं “फ़राज़”
उस ने कैसे नया हाथ थामा होगा.


टूट कर चुभ रहा है आँखों में “फ़राज़”
आईना तो नहीं था ख्वाब मेरा

मैं जो महका तो मेरी शाख जला दी उस ने “फ़राज़”
सर्द मौसम में मुझे जर्द हवा दी उस ने


लोग कहते हैं के मुलाक़ात नहीं हुई ” फ़राज़ “
हम तो रोज़ मिलते हैं लेकिन बात नहीं होती


तमाम उम्र मुझे टूटना बिखरना था ” फ़राज़ “
वो मेहरबान भी कहाँ तक समेटता था मुझे


अपनी नाकामी का एक यह भी सबब है ” फ़राज़ ”
चीज़ जो भी मांगते हैं सब से जुदा मांगते हैं


बस इतना ही कहा था हम बरसो के प्यासे हैं ” फ़राज़ “
होंटो को उस ने चूम कर खामोश कर दिया .




टूट कर चुभ रहा है आँखों में “फ़राज़”
आईना तो नहीं था ख्वाब मेरा

सब रोशनियाँ मुझ से रूठ जाएंगी यह कह कर ” फ़राज़ “
तुम अपने चिरगों की हिफाज़त नहीं करते

उस को तो बिछडने का सलीका भी नहीं आया ” फ़राज़ “
जाते हुए वो खुद को यहीं छोड़ गया

एक ही ज़ख्म नहीं सारा बदन ज़ख़्मी है ” फ़राज़ “दर्द हैरान है के उठूँ भी तो कहाँ से उठूँ

अकेले तो हम पहले भी जी रहे थे ” फ़राज़ “
क्यों तन्हा से हो गए है तेरे जाने के बाद

ऐ  इंसान  इब्न-ऐ -आदम  से  नंगा आया  है  तू ” फ़राज़ ”
कितना सफर किया  है  तूने  दो  गज़  कफ़न  के  लिये

पानी में अक्स देख कर खुश हो रहा था ” फ़राज़ “
पथर किसी ने मार कर मंज़र ही बदल डाला

प्यासे होंटों से बहुत करता है मीठी बातें
हो के सैराब बदल जाता है लहजा उसका

मेरे शिकवों पर उस ने हँस के कहा ” फ़राज़ “किस ने की थी वफ़ा जो हम करते

आप ही खुद अपनी अदाओं में ज़रा गौर कीजिए ” फ़राज़ “
हम अरज़ करेगें तो शिकायत होगी

हम सुना रहे थे अपनी बेवफाई का क़िस्सा ” फ़राज़ “
अफ़सोस इस बात का है लोगो ने तो वाह वाह कहा , उन्होंने भी वाह वाह कहा

खुला जो नाम-ऐ-अमल हशर में मेरा ” फ़राज़ “
बस एक जुर्म -ऐ -मुहब्बत मेरे हिसाब में था

मेरे मरने के बाद भी न छोड़ा जलना उस ने ” फ़राज़ “
रोज़ पहना जाती थी फूल मेरी साथ वाली क़बर पर

पहले तराशा उस ने मेरा वजूद शीशे से ” फ़राज़ “फिर ज़माने भर के हाथों में पत्थर थमा दिए

यह मासूमियत का कौन सा अंदाज़ है ” फ़राज़ “काट के पर कहते हो अब तुम आज़ाद हो

दिल-ओ-जिगर
हमें आप रूह में बसा लें तो अच्छा है ” फ़राज़ “
दिल-ओ-जिगर के रिश्ते तो अक्सर टूट जाया करते हैं

मौसम की तरह
वो शख्स भला मेरा क्या साथ निभायेगा ” फ़राज़ ”
मौसम की तरह जिस ने सीखा है बदल जाना

इसी ज़मीन से
आज है अपनी बुलंदी पर तुझे कितना नाज़ ” फ़राज़ “
इसी ज़मीन से याद रख , है आसमान निकला

वो गया तो साथ ही ले गया सभी रंग उतार के शहर के
कोई शख्स था मेरे शहर में किसी दूर पार के शहर का
चलो कोई दिल तो उदास था , चलो कोई आँख तो नम थी
चलो कोई दर तो खुला रहा शब-ऐ-इंतज़ार के शहर का

पास -ऐ -वफ़ा
इतना आसान था तेरे हिजर  में  मरना जाना
फिर भी एक उम्र लगी जान जाते जाते
उसकी वो जाने उसे पास -ऐ -वफ़ा था के न था
तुम तो फ़राज़ अपनी तरफ से निभाते जाते

न रोयेगा तो मर जायेगा
मैं नहीं तो कोई और साहिल पे उतर जायेगा
जिंदगी तेरी अथाह है तो येह जाने वाला
तेरी बकसीस तेरी दल्लीज पर धर जायेगा
जब्त जाजिम है मगर दुःख है क़यामत का फ़राज़
जालिम अब के न रोयेगा तो मर जायेगा

मौसम


प्यार में एक ही मौसम है बहरों का ” फ़राज़ “
लोग कैसे मौसमों की तरहं बदल जाते हैं

जब खिज़ां आएगी
जब खिज़ां आएगी तो लौट आएगा वो भी ” फ़राज़ “
वो बहरों में ज़रा कम ही निकला करता है

दिल भी बुझा हो शाम की परछाइयाँ भी हों
मर जाए जो ऐसे में तन्हाइयाँ भी हों

हर हुस्न -ऐ -सदा लो न दिल में उतार सका
कुछ तो मिज़ाज -ऐ -यार मैं गहराइयाँ भी हों

दुनिया के तजकरे तो तबियत ही ले बुझे
बात उस की हो तो फिर सुख आराईयां भी हों

पहले पहले का इश्क़ अभी भी  याद है फ़राज़
दिल खुद यह चाहता था के रुस्वाइयाँ भी हों

दिल की तलाशियाँ
अपने सिवा बताओ और कुछ मिला है तुम्हे फ़राज़ ‘
हज़ार बार ली है तुमने इस दिल की तलाशियाँ

शब -ऐ -ग़म
दोनों जहां तेरी मुहब्बत में हार के
वो जा रहा है कोई शब -ऐ -ग़म गुज़ार के

कोई तो बात है उस मैं “फ़राज़”
अब के यूं दिल को सजा दी हम ने
उस की हेर बात भुला दी हम ने

एक एक फूल बहुत याद आया
शाख -ऐ -गुल जब वो जला दी हम ने

आज तक जिस पे वो शर्माते हैं
बात वो कब की भुला दी हम ने

शहर-ऐ-जहाँ राख से आबाद हुआ
आग जब दिल की बुझा दी हम ने

आज फिर याद बहुत आया वो
आज फिर उस को दुआ दी हम ने

कोई तो बात है उस मैं फ़राज़
हर ख़ुशी जिस पे लूटा दी हम ने

मिज़ाज़ और धड़कन – फ़राज़
कितना नाज़ुक मिज़ाज़ है वो कुछ न पोछिए फ़राज़
नींद नही आती उन्हें धड़कन के शोर से

हिंदी और उर्दू शायरी – फ़राज़ और मोसिन की खूबसूरत शायरी – मिज़ाज़ और धड़कन – फ़राज़
जिंदगी और मौत – फ़राज़
कोई न आएगा तेरे सिवा मेरी जिंदगी में फ़राज़
एक मौत ही है जिस का हम वादा नही करती

हिंदी और उर्दू शायरी – फ़राज़  की खूबसूरत शायरी – तन्हाई और महफ़िल – फ़राज़
तन्हाई और महफ़िल – फ़राज़
तन्हाई में जो चूमता है मेरे नाम के हरूफ फ़राज़
महफ़िल मैं वो शख्स मेरी तरफ देखता भी नहीं

हिंदी और उर्दू शायरी – फ़राज़  की खूबसूरत शायरी – तन्हाई और महफ़िल – फ़राज़
बेवफा और ज़िंदगी – फ़राज़
वो बेवफा है सही आओ उसी याद कर लें फ़राज़
अभी ज़िंदगी बहुत पड़ी है उसे भुलाने के लिए

हिंदी और उर्दू शायरी – फ़राज़ की शायरी– बेवफा और ज़िंदगी – फ़राज़
खुश और उदास – फ़राज़
वो मुझ से बिछड़ कर खुश है तो उसे खुश रहने दो “फ़राज़ “
मुझ से मिल कर उस का उदास होना मुझे अच्छा नहीं लगता …

उर्दू और हिंदी शायरी – फ़राज़ की शायरी – खुश और उदास – फ़राज़ शायरी 
ख्वाब – फ़राज़
वो मुझसे पूछता किस किस के ख्वाब देखते हो “फ़राज़ ”
बेखबर जानता नहीं के यादें उसकी सोने कहाँ देती हैं ..

यक़ीन है मुझ को वो लौट आएगा – फ़राज़ शायरी
अभी तो इश्क़ मैं ऐसा भी हाल होना है
के अश्क़ रोकना तुम से मोहाल होना है

हर एक लब पर है मेरी वफ़ा के अफ़साने
तेरे सितम को अभी लाजबाब होना है

तुम्हें खबर ही नहीं तुम तो लूट जाओगे
तुम्हारे हिजर मैं इक लम्हा साल होना है

हमारी रूह पे जब भी अजब उतरें है
तुम्हारी याद को इस दिल की ढाल होना है

कभी तो रोयेगा वो भी किसी की बाहों मैं
कभी तो उस की हंसी को ज़वाल होना है

मिलेंगे हम को भी अपने नसीब की खुशियाँ
बस इंतज़ार है कब यह कमाल होना है

हर एक शख्स चलेगा हमारी राहों पर
मोहबत में हम ही वो मिसाल होना है
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ज़माना जिस के ख़म -ओ -पेच में उलझा जाए
हमारी ज़ात को ऐसा सवाल होना है

यक़ीन है मुझ को वो लौट आएगा
उसे भी अपने किये का मलाल होना है

उर्दू और हिंदी शायरी – फ़राज़ की शायरी – अभी तो इश्क़ मैं ऐसा भी हाल होना है – फ़राज़ शायरी 
धुआं जब मेरे होंटों से निकल कर तेरा अक्स बनाता है….
मैं सिगरेट को हथेली पर
उलट कर खाली करता हूँ

फिर उस में डाल कर यादें
तुम्हारी खूब मलता हूँ

ज़रा सा ग़म मिलाता हूँ
हथेली को घूमता हूँ

बसा कर तुझ को सांसो में
में फिर सिगरेट बनता हूँ

लगा कर अपने होंटों से
मोहब्बत से जलाता हूँ

तुझे सुलगा के सिगरेट में
मैं तेरे कश लगाता हूँ

धुआं जब मेरे होंटों से
निकल कर रक़्स करता है

मेरे चारों तरफ कमरे में
तेरा अक्स बनता है

मैं उस से बात करता हूँ
वो मुझ से बात करता है

यह लम्हा बात करने का बड़ा
अनमोल होता है

तेरी यादें तेरी बातें
बड़ा माहोल होता है …!!!!

उर्दू और हिंदी शायरी – फ़राज़ की शायरी – धुआं जब मेरे होंटों से निकल कर तेरा अक्स बनता है – सिगरेट की शायरी
हम कभी मिल सकें मगर – फ़राज़ की शायरी
हम कभी मिल सकें मगर , शायद
जिनके हम मुन्तज़र रहे, उनको मिल गए और हमसफ़र शायद

जान पहचान से भी क्या होगा
फिर भी ऐ दोस्त , गौर कर शायद, अजनबीयत की धुंध छट जाए
चमक उठे तेरी नज़र शायद

ज़िन्दगी भर लहू रुलाएगी
याद -ऐ -यारां -ऐ -बेखबर शायद

जो भी बिछड़े वो कब मिले हैं ‘फ़राज़ ’
फिर भी तू इंतज़ार कर शायद ..!!!

उर्दू और हिंदी शायरी – फ़राज़ की शायरी – हम कभी मिल सकें मगर , शायद
चले भी आओ दुनिया से जा रहा है कोई – फ़राज़ की शायरी
ग़म -ऐ- हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई
चले भी आओ दुनिया से जा रहा है कोई

अज़ल से कह दो रुक जाए दो घड़ी
सुना है आने का वादा निभा रहा है कोई

वो इस नाज़ से बैठे हैं लाश के पास
जैसे रूठे हुए को मना रहा है कोई

पलट कर न आ जाए फिर सांस नब्ज़ की फ़राज़
इतने हसीं हाथों से मय्यत सजा रहा है कोई

उर्दू और हिंदी शायरी – फ़राज़ की शायरी – ग़म -ऐ- हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई
अफ़सोस के तुझ से मेरी आदत नहीं मिली – फ़राज़
ऐसा नहीं के हम को मोहब्बत नहीं मिली
तुम्हें चाहते थे , पर तेरी उल्फत नहीं मिली

मिलने को ज़िन्दगी में तो कई हमसफ़र मिले
पर उन की तबियत से तबियत नहीं मिली

चेहरों में दूसरों के तुझे ढूँढ़ते रहे
सूरत नहीं मिली कहीं सीरत नहीं मिली

बहुत देर से आया तू मेरे पास
अल्फ़ाज़ ढूंढने की भी मोहलत नहीं मिली

तुझ को गिला है के तवज्जो न दी तुझे
लेकिन हम को तो खुद अपनी मोहब्बत नहीं मिली

हम को तो तेरी हर आदत अच्छी लगी “फ़राज़ ”
अफ़सोस के तुझ से मेरी आदत नहीं मिली


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