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Best sad heart touching shayari status for life

Best sad heart touching Dard Bhari  shayari (शायरी ) status

 हम सायादार पेड़ ज़माने के काम आए

जब सूखने लगे तो जलाने के काम आए


तलवार की नियाम कभी फेंकना नहीं

मुमकिन है दुश्मनों को डराने के काम आए


कच्चा समझ के बेच न देना मकान को

शायद कभी ये सर को छुपाने के काम आए


वह दर्द दे जो रातों को सोने न दे हमें

वह ज़ख़्म दे जो सबको दिखाने के काम आए

मुनव्वर  राना 

Dard Bhari Shayari


कश्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया

इस पार के थपेड़ों ने उस पार कर दिया


अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब हैं

लोगो ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया


 

रातों को चांदनी के भरोसें ना छोड़ना

सूरज ने जुगनुओं को ख़बरदार कर दिया


रुक रुक के लोग देख रहे है मेरी तरफ

तुमने ज़रा सी बात को अखबार कर दिया


इस बार एक और भी दीवार गिर गयी

बारिश ने मेरे घर को हवादार कर दिया


बोल था सच तो ज़हर पिलाया गया मुझे

अच्छाइयों ने मुझे गुनहगार कर दिया

 

दो गज सही ये मेरी मिलकियत तो हैं

ऐ मौत तूने मुझे ज़मीदार कर दिया

राहत इंदोरी 

तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है;

जिसका रास्ता बहुत खराब है;

मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा न लगा;

दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है।


Dard Bhari Shayari

Dard Bhari Shayari


😌 Dard Shayari 😌

 

हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे;

वो भी पल पल हमें आजमाते रहे;

जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया;

हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे।


Dard Bhari Shayari


💨 Dard Shayari In Hindi 💨


रोने की सज़ा न रुलाने की सज़ा है;

ये दर्द मोहब्बत को निभाने की सज़ा है;

हँसते हैं तो आँखों से निकल आते हैं आँसू;

ये उस शख्स से दिल लगाने की सज़ा है।


Dard Bhari Shayari


💔 दर्द भरी शायरी 💔


हादसे इंसान के संग मसखरी करने लगे;

लफ्ज कागज पर उतर जादूगरी करने लगे;

कामयाबी जिसने पाई उनके घर बस गए;

जिनके दिल टूटे वो आशिक शायरी करने लगे।


दिल मेरा जो अगर रोया न होता;

हमने भी आँखों को भिगोया न होता;

दो पल की हँसी में छुपा लेता ग़मों को;

ख़्वाब की हक़ीक़त को जो संजोया नहीं होता।


Dard Bhari Shayari

Dard Bhari Shayari


💙 Dard Bhari Shayari Hindi 💙


लिखूं कुछ आज यह वक़्त का तकाजा है;

मेरे दिल का दर्द अभी ताजा-ताजा है;

गिर पड़ते हैं मेरे आंसू मेरे ही कागज पर;

लगता है कि कलम में स्याही का दर्द ज्यादा है!


Dard Bhari Shayari


💖 Dard Shayari 💖


वो नाराज़ हैं हमसे कि हम कुछ लिखते नहीं;

कहाँ से लाएं लफ्ज़ जब हमको मिलते नहीं;

दर्द की ज़ुबान होती तो बता देते शायद;

वो ज़ख्म कैसे दिखाए जो दिखते नहीं।


Dard Bhari Shayari


💜 Dard Shayari In Hindi 💜


खून बन कर मुनासिब नहीं दिल बहे;

दिल नहीं मानता कौन दिल से कहे;

तेरी दुनिया में आये बहुत दिन रहे;

सुख ये पाया कि हमने बहुत दुःख सहे।


Dard Bhari Shayari

Dard Bhari Shayari


💭 दर्द भरी शायरी 💭


हँसते हुए ज़ख्मों को भुलाने लगे हैं हम;

हर दर्द के निशान मिटाने लगे हैं हम;

अब और कोई ज़ुल्म सताएगा क्या भला;

ज़ुल्मों सितम को अब तो सताने लगे हैं हम।


1.आप को चेहरे से भी बीमार होना चाहिए

इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए



2.ज़िंदगी तू कब तलक दर-दर फिराएगी हमें

टूटा-फूटा ही सही घर-बार होना चाहिए



3.बरसों से इस मकान में रहते हैं चंद लोग

इक दूसरे के साथ वफ़ा के बग़ैर भी



4.एक क़िस्से की तरह वो तो मुझे भूल गया

इक कहानी की तरह वो है मगर याद मुझे



5.भुला पाना बहुत मुश्किल है सब कुछ याद रहता है

मोहब्बत करने वाला इस लिए बरबाद रहता है



6.ताज़ा ग़ज़ल ज़रूरी है महफ़िल के वास्ते

सुनता नहीं है कोई दोबारा सुनी हुई



7.हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं

जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं


8.अँधेरे और उजाले की कहानी सिर्फ़ इतनी है

जहाँ महबूब रहता है वहीं महताब रहता है




9.कभी ख़ुशी से ख़ुशी की तरफ़ नहीं देखा

तुम्हारे बाद किसी की तरफ़ नहीं देखा



10.किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई

मैं घर में सब से छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई


Dard Bhari Shayari


11.मैं इस से पहले कि बिखरूँ इधर उधर हो जाऊँ

मुझे सँभाल ले मुमकिन है दर-ब-दर हो जाऊँ



12.मसर्रतों के ख़ज़ाने ही कम निकलते हैं

किसी भी सीने को खोलो तो ग़म निकलते हैं



13.मिट्टी में मिला दे कि जुदा हो नहीं सकता

अब इस से ज़यादा मैं तेरा हो नहीं सकता



14.मुख़्तसर होते हुए भी ज़िंदगी बढ़ जाएगी

माँ की आँखें चूम लीजे रौशनी बढ़ जाएगी




15.वो बिछड़ कर भी कहाँ मुझ से जुदा होता है

रेत पर ओस से इक नाम लिखा होता है



16.मैं भुलाना भी नहीं चाहता इस को लेकिन

मुस्तक़िल ज़ख़्म का रहना भी बुरा होता है



तेरे एहसास की ईंटें लगी हैं इस इमारत में



17.तेरे एहसास की ईंटें लगी हैं इस इमारत में

हमारा घर तेरे घर से कभी ऊँचा नहीं होगा



18.ये हिज्र का रस्ता है ढलानें नहीं होतीं

सहरा में चराग़ों की दुकानें नहीं होतीं



19.ये सर-बुलंद होते ही शाने से कट गया

मैं मोहतरम हुआ तो ज़माने से कट गया


20.उस पेड़ से किसी को शिकायत न थी मगर

ये पेड़ सिर्फ़ बीच में आने से कट गया


21.वर्ना वही उजाड़ हवेली सी ज़िंदगी

तुम आ गए तो वक़्त ठिकाने से कट गया

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