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Gareebi poor man Se Judi Shayari 😪गरीबी शायरी स्टैटस

Gareebi Se Judi Shayari poor 😪गरीबी शायरी स्टैटस

फ़ेक रहे तुम खाना क्योंकि, आज रोटी थोड़ी सूखी है,

थोड़ी इज्ज़त से फेंकना साहेब, मेरी बेटी कल से भूखी है।


जब भी देखता हूँ... किसी गरीब को मुस्कुराते हुए,

यकीनन खुशिओं का ताल्लुक दौलत से नहीं होता।

Gareebi Se Judi Shayari 😪गरीबी शायरी स्टैटस


Gareebi Shayari

जनाजा बहुत भारी था उस गरीब का,

शायद सारे अरमान साथ लिए जा रहा था।


अजीब मिठास है मुझ गरीब के खून में भी,

जिसे भी मौका मिलता है वो पीता जरुर है।


Gareebi Shayari


ये गंदगी तो महल वालों ने फैलाई है साहब,

वरना गरीब तो सड़कों से थैलीयाँ तक उठा लेते हैं।


Gareeb To Sadko Par -Gareebi Shayari


जरा सी आहट पर जाग जाता है वो रातो को,

ऐ खुदा गरीब को बेटी दे तो दरवाज़ा भी दे।


Gareebi Shayari


सुला दिया माँ ने भूखे बच्चे को ये कहकर,

परियां आएंगी सपनों में रोटियां लेकर।


अमीरी का हिसाब तो दिल देख के कीजिये साहेब,

वरना गरीबी तो कपड़ो से ही झलक जाती है।


Gareebi Shayari


खुदा के दिल को भी सुकून आता होगा,

जब कोई गरीब चेहरा मुस्कुराता होगा।


Shayari On Poverty - Gareeb Chehra


बहुत जल्दी सीख लेते हैं, ज़िन्दगी के सबक,

गरीब के बच्चे बात बात पर जिद नहीं करते।

Gareebi poor man Se Judi Shayari

खुदा के दिल को भी सुकून आता होगा,

जब कोई गरीब चेहरा मुस्कुराता होगा।


Shayari On Poverty - Gareeb Chehra


बहुत जल्दी सीख लेते हैं, ज़िन्दगी के सबक,

गरीब के बच्चे बात बात पर जिद नहीं करते।



वो रोज रोज नहीं जलता साहब,

मंदिर का दिया थोड़े ही है गरीब का चूल्हा है।


यूँ न झाँका करो किसी गरीब के दिल में,

वहाँ हसरतें बेलिबास रहा करती हैं।


सहम उठते हैं कच्चे मकान पानी के खौफ़ से,

महलों की आरज़ू ये है कि बरसात तेज हो।

Gareebi poor man Se Judi Shayari


मरहम लगा सको तो किसी गरीब के जख्मों पर लगा देना

हकीम बहुत हैं बाजार में अमीरों के इलाज खातिर


तहजीब की मिसाल गरीबों के घर पे है,

दुपट्टा फटा हुआ है मगर उनके सर पे है।


ज़मीन तो जल चुकी है, लेकिन आसमान बाकी है मेरे दोस्तों

ओ पानी के सूखे कुएं तुम्हारा इम्तेहान बाकी है,

तू बरस जाना रे मेघा जल्दी,

किसी का घर गिरवी तो किसी का लगान बाकी है.


अपने मेहमान को पलकों पे बिठा लेती है

गरीबी जानती है घर में बिछौने कम हैं


Garibi Status

जब भी देखता हूँ किसी गरीब को हँसते हुए,

यकीनन खुशिओं का ताल्लुक दौलत से नहीं होता


गरीबी बन गई तश्हीर का सबब आमिर,

जिसे भी देखो हमारी मिसाल देता है।


जो गरीबी में एक दिया भी न जला सका

एक अमीर का पटाखा उसका घर जला गया


आज तक बस एक ही बात समझ नहीं आती,

जो लोग गरीबों के हक के लिए लड़ते हैं

वो कुछ वक़्त के बाद अमीर कैसे बन जाते हैं

Gareebi poor man Se Judi Shayari


Garib Shayari in Hindi

यहाँ गरीब को मरने की इसलिए भी जल्दी है साहब,

कहीं जिन्दगी की कशमकश में कफ़न महँगा ना हो जाए।


शाम को थक कर टूटे झोपड़े में सो जाता है

वो मजदूर, जो शहर में ऊंची इमारतें बनाता है


ये गंदगी तो महल वालों ने फैलाई है साहब,

वरना गरीब तो सड़कों से थैलीयाँ तक उठा लेते हैं


Garibi Status in Hindi


अजीब मिठास है मुझ गरीब के खून में भी,

जिसे भी मौका मिलता है वो पीता जरुर है


उसने यह सोचकर अलविदा कह दिया

गरीब लोग हैं, मुहब्बत के सिवा क्या देँगे


छीन लेता है हर चीज़ मुझसे ऐ खुदा

क्या तू मुझसे भी ज्यादा गरीब है


Garib Shayari


खिलौना समझ कर खेलते जो रिश्तों से

उनके निजी जज्बात ना पूछो तो अच्छा है

बाढ़ के पानी में बह गए छप्पर जिनके

कैसे गुजारी रात ना पूछो तो अच्छा है


वो जिसकी रोशनी कच्चे घरों तक भी पहुँचती है,

न वो सूरज निकलता है, न अपने दिन बदलते हैं।


Garib Love Shayari in Hindi


वो राम की खिचड़ी भी खाता है,

रहीम की खीर भी खाता है,

वो भूखा है जनाब उसे,

कहाँ मजहब समझ आता है।


जरा सी आहट पर जाग जाता है वो रातो को

ऐ खुदा गरीब को बेटी दे तो दरवाज़ा भी दे

Gareebi poor man Se Judi Shayari


Garib Ka Pyar Shayari in Hindi

दिखाने को दुःख तो सभी जताते हैं मगर कोई भी आँसू क्यों नहीं पोछता, 

अपनी रोटी में से एक किसी और को दे दूं इस बात को कोई क्यों नहीं सोचता,

जिस दिन इस देश के लोगों की सोच बदल जायेगी,

यकीन मानिये हमारे देश में गरीबी और भुखमरी दूर दूर तक नज़र नहीं आयेगी.


हजारों दोस्त बन जाते है, जब पैसा पास होता है,

टूट जाता है गरीबी में, जो रिश्ता ख़ास होता है।


Poor Shayari in Hindi

किसी गरीब को मत सता,

गरीब बेचारा क्या कर सकेगा,

वोह तोह बस रो देगा,

पर उसका रोना सुन लिया ऊपर वाले ने,

तोह तू अपनी हस्ती खो देगा



 

किस्मत को खराब बोलने वालों

कभी किसी गरीब के पास बैठकर पूछना जिंदगी क्या है


रुखी रोटी को भी बाँट कर खाते हुये देखा मैंने,

सड़क किनारे वो भिखारी शहंशाह निकला


वो जिनके हाथ में हर वक्त छाले रहते हैं,

आबाद उन्हीं के दम पर महल वाले रहते हैं



तुम किसी के बुझते हुए चूल्हे में एक बार हवा लगाकर तो देखो, 

किसी नंगे पांव वाले इन्सान के छालों पर दवा लगाकर तो देखो.

गरीब किसानों की मेहनत पर उंगलिया उठाने वालों

तुम्हें भी समझ आ जाएगा मूल्य फसलों का एक बार खेतो में तो CC TV कैमरे लगाकर देखो.


Garibi Shayari

कमी लिबास की तन पर अजीब लगती है

अमीर बाप की बेटी गरीब लगती है


दो वक़्त की रोटी कभी दो वक़्त के लाले ,

गरीब की तक़दीर में क्या बोसा ए मोहब्बत क्या आरज़ू ए निवाले


Garibo Ki Shayari

दिन ईद के जब क़रीब देखे

मैंने अक्सर उदास ग़रीब देखे


हमने कुछ ऐसे भी गरीब देखे हैं

जिनके पास पैसों के अलावा कुछ भी नहीं


Amir Garib Status

गरीबों की औकात ना पूछो तो अच्छा है,

इनकी कोई जात ना पूछो तो अच्छा है,


चेहरे कई बेनकाब हो जायेंगे,

ऐसी कोई बात ना पूछो तो अच्छा है।


खिलौना समझ कर खेलते जो रिश्तों से,

उनके निजी जज्बात ना पूछो तो अच्छा है,


बाढ़ के पानी में बह गए छप्पर जिनके,

कैसे गुजारी रात ना पूछो तो अच्छा है.

Gareebi poor man Se Judi Shayari


भूख ने निचोड़ कर रख दिया है जिन्हें,

उनके तो हालात ना पूछो तो अच्छा है,


मज़बूरी में जिनकी लाज लगी दांव पर,

क्या लाई सौगात ना पूछो तो अच्छा है.


गरीबों की औकात ना पूछो तो अच्छा है,

इनकी कोई जात ना पूछो तो अच्छा है.


Garibi Se Judi Shayari


ऐ सियासत तूने भी इस दौर में कमाल कर दिया,

गरीबों को गरीब अमीरों को माला-माल कर दिया .


बहुत जल्दी सीख लेता हूँ जिंदगी का सबक,

गरीब बच्चा हूँ बात-बात पर जिद नहीं करता.


उन घरों में जहाँ मिटटी के घड़े रहते हैं,

कद में छोटे मगर लोग बड़े रहते हैं


कैसे मोहब्बत करूँ

बहुत गरीब हूँ सहाब,

लोग बिकते हैं

और मैं खरीद नहीं पाता।

 

Garib Ka Pyar Status

यूँ न झाँका करो किसी गरीब के दिल में,

के वहाँ हसरतें वेलिबास रहा करती हैं।


अमीर की बेटी पार्लर में जितना दे आती है

उतने में गरीब की बेटी अपने ससुराल चली जाती है


जो गरीबी में एक दिया भी न जला सका

एक अमीर का पटाखा उसका घर जला गया


अजीब मिठास है मुझ गरीब के खून में भी,

जिसे भी मौका मिलता है वो पीता जरुर है।


सुला दिया माँ ने भूखे बच्चे को ये कहकर,

परियां आएंगी सपनों में रोटियां लेकर।


मजबूरियाँ हावी हो जाएँ ये जरूरी तो नहीं,

थोडे़ बहुत शौक तो गरीबी भी रखती है।


चेहरा बता रहा था कि मारा है भूख ने,

सब लोग कह रहे थे कि कुछ खा के मर गया।

Gareebi poor man Se Judi Shayari


वो जिनके हाथ में हर वक्त छाले रहते हैं,

आबाद उन्हीं के दम पर महल वाले रहते हैं।


भटकती है हवस दिन-रात सोने की दुकानों पर,

गरीबी कान छिदवाती है तिनके डाल देती है।


जरा सी आहट पर जाग जाता है वो रातो को,

ऐ खुदा गरीब को बेटी दे तो दरवाज़ा भी दे।


जब भी देखता हूँ किसी गरीब को हँसते हुए,

यकीनन खुशिओं का ताल्लुक दौलत से नहीं होता।


सहम उठते हैं कच्चे मकान पानी के खौफ़ से,

महलों की आरज़ू ये है कि बरसात तेज हो।


रुखी रोटी को भी बाँट कर खाते हुये देखा मैंने,

सड़क किनारे वो भिखारी शहंशाह निकला।



यूँ न झाँका करो किसी गरीब के दिल में,

वहाँ हसरतें बेलिबास रहा करती हैं।


तहजीब की मिसाल गरीबों के घर पे है,

दुपट्टा फटा हुआ है मगर उनके सर पे है।



कैसे मोहब्बत करूं बहुत गरीब हूँ साहब,

लोग बिकते हैं और मैं खरीद नहीं पाता।


उन घरों में जहाँ मिट्टी के घड़े रहते हैं,

क़द में छोटे हों मगर लोग बड़े रहते हैं।


यहाँ गरीब को मरने की जल्दी यूँ भी है,

कि कहीं कफ़न महंगा ना हो जाए।


कुछ दर्द कुछ नमी कुछ बातें जुदाई की,

गुजर गया ख्यालों से तेरी याद का मौसम।


कभी टूटा नहीं दिल से तेरी याद का रिश्ता,

गुफ्तगू हो न हो ख्याल तेरा ही रहता है।



तस्वीर में ख्याल होना तो लाज़मी सा है,

मगर एक तस्वीर है, जो ख्यालों में बनी है।


मुझे जिस दम खयाले-नर्गिसे-मस्ताना आता है,

बड़ी मुश्किल से काबू में दिले-दीवाना आता है।



पीते-पीते जब भी आया तेरी आंखों का खयाल,

मैंने अपने हाथ से तोड़े हैं पैमाने बहुत।



रोज़ आता है मेरे दिल को तस्सली देने

ख़याल ऐ यार को मेरा खयाल कितना है।


आने लगा हयात को अंजाम का खयाल,

जब आरजूएं फैलकर इक दाम बन गईं।

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