header ads

2021 latest heart touching status true life lines in Hindi

2021 Latest Heart Touching Status True Life Lines in Hindi

 चाँद को चाँद सितारे को सितारा कहना 

जो हकीकत में  हमारा है हमारा कहना 

क्या कहा हमसे मुहब्बत नहीं निभाई गई 

बात ये दिल पे हाँथ रखके दुबारा कहना । 

2021 latest heart touching status true life lines in hindi


मरीजे दिल हूँ नामुमकिन सा है इलाज मेरा 

मैं मर ही जाऊंगा न आप दवा करते रहो 

ये हमारा कर्म के हुमने जलाया है चराग 

आप तूफान के जानिब से हवा गड़ते रहो 


उधर सहमी सी हवा है मचल ना जाए कहीं 

इधर पत्थर भी डरा है पिघल ना जाए कहीं 

अचानक आप से तुम चलो खैर छोड़ो 

ख्याल ये भी रहे रिस्ता बदल ना जाए कहीं 


नजर वालों की कहाँ रब पे नजर है शाहब 

मगर जो रब है उसकी सब पे नजर है शाहब 

जिस सियासत का खुद ईमान ही नहीं उसकी 

आपके और मेरे मजहब पे नजर है शाहब 


खबर तो सारी खबरदार लिए बैठे हैं 

फिजूल आप ही अखबार लिए बैठे हैं 

आपको हक ही नहीं आईना दिखाने का 

आप तो खुद का ही किरदार लिए बैठे हैं । 

वहाँ झुमका गिर बाजार में बरेली के 

यहाँ दिल्ली में ये झंकार लिए बैठे हैं 


जानते खूब हैं लेकिन नहीं देखा करते 

हम शराबी हैं मियां दिन नहीं देखा करते 

हम जानते हैं पत्थर निचोड़ने का हुनर 

हम चरगो में कभी जिन नहीं देखा करते । 


अगर उसकी निजामत में हुकूमत की रवायत है 

सिकायत है सिकायत है सिकायत है सिकायत है 

तेरा चेहरा मुकम्मल एक गजल मसले से मसले तक 

कयामत है कयामत है कयामत है कयामत है 


मेरी मुठ्ठी से ये बालू सरक जाने को कहती है 

के अब ये जिंदगी मुझसे भी थक जाने को कहती है 

जिसे हम ओड़ कर निकले थे आगजे जवानी में 

वो चादर जिंदगी की अब  मसक जाने को कहती है 


कहानी क्या सुनाए अहले महफ़िल को 

सक्कर घुलती नहीं और खीर पक जाने को कहती है 

मैं अपनी लड़खड़ाहट से परेसान हूँ और ये हवा 

मेरी उंगली पकड़कर दूर तक जाने को कहती है 


कभी मिल तो तुझको बताएं हम तुझे इस तरह से सताये हम 

तेरा दर्द तुमसे छीन के तुझे महफिलों में रुलाये हम 

तुझे दर्द दूँ तू ना शह सके

 तुझे दूँ जबा तू ना कह सके 

तुझे दूँ मकान तू ना रह सके 

तुझे मूसकिलों में घिरा के मैं कभी ऐसा रस्ता निकाल दूँ 

तेरे दर्द की मैं दवा करून किसी हर्ष की मैं सेवा करू 

तुझे हर नजर पे ऊबेर दूँ तुझे जिंदगी का सऊर दूँ 

कभी मिल भी जाएंगे गम ना कर कभी गिर भी जाएंगे गम ना कर 

तेरे एक होने में सक नहीं मेरी नीयतों को तू साफ कर 

तेरी सान में भी कमी नहीं मेरे इस कलाम को तू माफ कर 


तुमने बहुत देखें हैं मुझ जैसे 

तुम देखना एक दिन सबसे अलग दिखूँगा मैं 

लगे जो कहीं कभी बाजारे इस्क 

तो बेचना सबसे महंगा बिकूँगा मैं 


बाजारे इस्क में वो मेरी सच्ची  मुहब्बत का दाम पूछतें है 

मेरे नाम की कसमें खाने वाले आज मेरा नाम पूछते हैं 


गीत लिखे भी तो ऐसे सुनाए ना गए 

जख्म यूं लफ्जों में उतरे की दिखाए ना गए 

आज तक रखे हैं पछतावे की आलमारी में 

एक दो वादे जो दोनों से निभाए ना गए 


हमीं बुनियाद के पत्थर हैं हमें ही घर से निकाला जा रहा है 

जनाजे पर मेरे लिख देना की मुहब्बत करने वाला जा रहा है । 


Post a Comment

0 Comments