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Best heart touching Hindi kavita shayari status 2022

कुछ देर की खामोशी है 

फिर शोर आएगा 

तुम्हारा शिरफ वक्त आया है 

हमारा दौर आएगा 

Best heart touching Hindi kavita shayari status

तुझे प्यार करना नहीं आता 

मुझे प्यार के सिवा कुछ नहीं आता 

दुनिया में जीने के दो ही तरीके हैं 

एक तुझे नहीं आता एक मुझे नहीं आता 

Best heart touching Hindi kavita shayari status 2022


अब मैं बूढ़ा होने लगा हूँ


खोल के मनचाही किताब के पन्ने

पढ़ते-पढ़ते ही सोने लगा हूँ

शायद लोग सही कहते हैं

अब मैं बूढ़ा होने लगा हूँ


पहले सी फुर्ती नहीं बदन में

दो कदम चलने से थकने लगा हूँ

गिनी हुई साँसें हैं बाकी

एक-एक को खींच के लेने लगा हूँ


आँखों से कम हो गया है दिखना

कुछ ऊँचा भी अब सुनने लगा हूँ

भूख नहीं लगती अब उतनी

ज़िंदा रहने को बस दाने चुगने लगा हूँ


पहले जिन बातों पे गुस्सा आता था

अब उनको नज़रअंदाज करने लगा हूँ

बड़े बड़े बच्चों के आगे

अपने ही गुस्से से डरने लगा हूँ


प्यार तो पहले भी करता था सबसे

अब ज़ाहिर भी करने लगा हूँ

वक्त मिले न मिले कहने का

इसलिये अब सब कुछ कहने लगा हूँ


मन में जितने उद्गार भरे थे

आँखों से खाली करने लगा हूँ

फ़िर-फ़िर जो आँसू आते हैं

उन्हें आँखों की ख़राबी कहने लगा हूँ


शरीर साथ नहीं देता अब

मनोबल से उसको ढोने लगा हूँ

पता नहीं लगने देता पर

अंदर से तो दुर्बल होने लगा हूँ


उम्र जो ढलने लगी है मेरी

गलतियाँ अपनी गिनने लगा हूँ

माफी तो माँग नहीं सकता पर

उन पर पछतावा करने लगा हूँ


सब अपने अब मेरे पास रहें

ऐसी कामना करने लगा हूँ

वक्त अब मेरे पास जो कम है

देख-देख के सबको जी भरने लगा हूँ


जाना तो इक दिन है सबको, पर

बिस्तर पे पड़ने से डरने लगा हूँ

चलते चलते चला जाऊँ बस

यही प्रार्थना करने लगा हूँ


खोल के मनचाही किताब के पन्ने

पढ़ते-पढ़ते ही सोने लगा हूँ

शायद लोग सही कहते हैं

अब मैं बूढ़ा होने लगा हूँ

अब मैं बूढ़ा होने लगा हूँ ||

heart touching Hindi SHAYARI KAVITA STATUS LYRICS

वक्त की पाबंदियां और मीठी नोकझोंक का सिलसिला इश्क़ को बरकरार रखता था 

एक लड़की हर शाम रूठ जाती थी 

क्योंकि एक लड़का बेइंतहा प्यार करता था 


गमों की रात, परेशानी वाली शाम, मुश्किलों से भरी ये दोपहर 

और तकलीफों का हर सैलाब चला जाएगा

मुस्कुराते रहो मेरे दोस्त! सब ठीक नहीं है

लेकिन सब ठीक हो जाएगा


मुझे नहीं पता कि तुम्हारी परेशानी खड़ी है किस तकाज़े पर

मैं जो कुछ कहूंगा वो सब होगा 

सिर्फ मेरे अंदाजे पर  

बस इतना जान लो कि तुम्हारे चेहरे से

तुम्हारे हालात बयान होने लगे हैं 

तुम्हें देखकर तुम्हारे दोस्त भी 

अब परेशान होने लगे हैं 

तुम्हारी परेशानी के कई सबब होंगे 

मैं मानता हूं तुम्हारी जिंदगी में मुश्किलों के कई रब होंगे 

अरे तो क्या हुआ?? 

अरे तो क्या हुआ..? अपनी जिंदगी से खूबसूरती का ये बसर मत जाने दो 

अपने चेहरे से मुस्कुराहटों का असर मत जाने दो

दुनिया में उम्मीद जितना किसी के पास कभी कुछ रहा ही नहीं 

तुम क्यों नहीं समझते कि जो तुम्हारा नहीं हुआ वो असल में कभी तुम्हारा था ही नहीं

मुझे पता है! 

मुझे पता है... तुम्हें उसकी बातें याद आती होंगी

देर शाम कि वो मुलाकातें हैं जरूर सताती होगी

उसके दिए तौफे जब भी तुम अकेले में देखते होगे

मुझे पता है मेरे दोस्त कि तुम ये जरूर सोचते होंगे 

कि मेरी क्या गलती थी?? 

मेरी क्या गलती थी?.. क्या मुझ सा इश्क उसको हर किसी से हुआ होगा 

जहां सिर्फ मेरी उंगलियों के निशान थे वहां जाने कितनों ने छुआ होगा 

अरे तुम क्यों नहीं समझते कितने इश्क कितनी परवाह इतनी मुकम्मल रातों के बावजूद जो तुम्हारा नहीं हुआ 

वो किसी और का भी नहीं हुआ होगा 

खैर छोड़ो ये सब बस इतना जान लो कि

समझदारी की हर बड़ी उम्मीद तुमसे एक छोटी नादानी चाहती है 

कामयाबी अक्सर कुछ रिश्तो की कुर्बानी चाहती है 

तुम समझदार भी थे तुमने नादानी भी कर दी 

तुम कामयाब जरूर हो गए तुमने कुर्बानी भी कर  दी 

बड़े रिश्ते और भी हैं जिंदगी के पैमानों पर 

भाव ठीक से लगाना आजकल खुशियां बिकने लगी है दुकानों पर 

और खुद उठ जाओ अभी बहुतों को उठाना है 

जो लोग तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं उन्हें गले से लगाना है 


अरे कुछ नहीं बदला यार 

जरा इधर उधर जाकर तो देखो 

पापा याद कर रहे हैं एक बार घर जाकर तो देखो

इश्क़ में तो लोग खुश हो जाते हैं 

इश्क में तो लोग खुश हो जाते हैं 

तुम परेशान क्यों हो गए 

मिलना बिछड़ना तो रिवाज है यहां का 

तुम हैरान क्यों हो गए 

अरे क्या हुआ अगर वो चली गई? 

क्या हुआ अगर वो चली गई... 

तुम उदास क्यूं हो दुनिया बहुत बड़ी है मेरी जान तुम हताश क्यों हो 

सारी परेशानियों का हल यूं ही निकल जाएगा

एक बार घर जाओ मां को गले से लगाओ 

दुनिया को देखने का नजरिया ही बदल जाएगा


फिक्र इतनी है ना तुम्हारी 

फिक्र इतनी है ना तुम्हारी 

कि तुम्हारी पहचान और उसका नाम एक हो गए थे कुछ देर के लिए 

तुम्हारी पहचान से उसका नाम धीरे-धीरे अलग हो जाएगा 

मुस्कुराते रहो मेरे दोस्त सब ठीक नहीं है 

लेकिन सब ठीक हो जाएगा


इश्क़ की बागवानी में मुझे उसकी सूरत नजर आती 

वो लड़की अगर मेरे साथ होती तो और खूबसूरत नजर आती 


वापस आना पड़ता है, फ‍िर वापस आना पड़ता है, 


जब वक्त की चोटें हर सपने हर लेती हैं,

जब राह की कीलें पग छलनी कर देती है,


ऐसे में भी गगनभेद हुंकार लगाना पड़ता है,

भाग्य को भी अपनी मुट्ठी अध‍िकार से लाना पड़ता है,


वापस आना पड़ता है, वापस आना पड़ता है.

कहां बंधी जंजीरों में हम जैसे लोगों की हस्ती, ध्वंस हुआ,


विध्वंस हुआ, भवरों में कहां फंसी कश्ती,

विपदा में मन के पल का हथियार चलाना पड़ता है,


अपने हिस्से का सूरज भी खुद ख‍ींचकर लाना पड़ता है, 

प‍त्थर की बंद‍िश से भी क्या बहती नद‍ियां रुकती है,


हालातों की धमकी से क्या अपनी नजरें झुकती है,

किस्मत से हर पन्ने पर किस्मत लिखवाना पड़ता है,


जिसमें मशाल सा जज्बा हो वो दीप जलाना पड़ता है,

वापस आना पड़ता है, फिर वापस आना पड़ता है'. 

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