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new 2022 best sad status heart touching शायरी

 2022 best sad status heart touching शायरी


 ऐसे उड़ूँ  की जाल न आये खुदा करे 

रस्ते में कोई  अस्पताल न आये खुद

अब उससे दोस्ती है तो दोस्ती रहे 

सीसे में कोई भी अब बाल न आये 


मेरी मुठ्ठी से ये बालू सरक जाने को कहती है 

ये जिंदगी भी मुझसे थक जाने को कहती है 

कहानी जिंदगी की क्या सुनाए अहले महफ़िल को

सकर घुलती नहीं और खीर पक जाने को कहती है 

मैं अपनी लड़खड़ाहट से परेसान हुं 

और ये दुनिया मुझसे दूर तक जाने को कहती है 


गजल हर लहज में हमसे सलीका पूछने आई 

बरेली में कहाँ मिलता है सुरमा पूछने आई 

मिला है ये ये सील काटों में चलने का  


की हर खुसबू हमी से रास्ता पूछने आई 

मैं जब दुनिया में था तो हाल तक मेरा नहीं पुछा

मैं चलने लगा तो सारी दुनिया पूछने आई 

shayari status


इंसान के हाथों की बनाई नहीं खाते 

हम आम के मौसम में मिठाई नहीं खाते 


कुछ दर्द ऐसे भी होते हैं जिनकी आवाज नहीं होती,

कुछ सुख ऐसे भी होते है जिनकी खुशी नहीं होती।


खुशी देती है मंजिलें

पर रास्ते दर्द भरे होते है।

इसलिए किसी की ख्वाहिशें पूरी नहीं होती।

कुछ छू लेते है आसमान पंछी बनकर

और किसी के हौसलो में उड़ान नहीं होती।


चाँद के पास चाँदनी तो है

लेकिन रोशनी ज्यादा चमकदार नहीं होती।

फूलो के पास खूबसूरती तो है

लेकिन ज्यादा दिनों की मेहमान नहीं होती।

इंतजार करती है कामयाबी

पर उस तक पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं होती।

इसलिए कामयाबी हर किसी के पास नहीं होती।

कुछ पहुंच जाते है क़ामयाबी तक भंवरा बनकर

और किसी की कामयाबी किस्मत को स्वीकार नहीं होती।


उड़ने की ताकत पतंगों के पास भी होती है,

लेकिन काबलियत उसका सबसे बड़ा हथियार होती है।

किस्मत भी देती है साथ हमारा,

पर सबको अपने हुनर की पहचान नहीं होती।

कुछ तोड़ देते है किस्मत की जंजीरें हथौड़ा बनकर,

और किसी के पास किस्मत से लड़ने की ताकत नहीं होती।


कुछ दर्द ऐसे भी होते हैं जिनकी आवाज नहीं होती,

कुछ सुख ऐसे भी होते है जिनकी खुशी नहीं होती।


तुम्ही से प्यार करता हूँ तुम्ही पे जान देने आया हूँ 

आखिरी वक्त है इम्तेहान देने आया हूँ 


जो प्यार कर गए वो लोग और थे 

दिल में उतर गए वो लोग और थे ,

गुलसन के फूल फूल पर सबनम की बूंद पर 

हसकर गुजर गए वो लोग और थे 


मरते रहेंगे हमपे वो जीने की चाह में 

कहकर मुकर गए वो लोग और थे 

वो हुस्न के गुरूर में पर्दा किए रहे 

बेमौत मर गए वो लोग और थे । 


हाथों में हाँथ बाँधके संतोष रह गया 

कुछ कर गुजर गए वो लोग और थे ।


सब जल गए अरमान मेरी जान में आके

लोगों ने मुझे लूटा है मेहमान बनाके 

खुसियों के खयालों से कभी जुड़ न सके गम 

आजाद परिंदों की तरह उड़ न सके हम 

आँसू को हसाते रहे मुस्कान सजाके 

लोगों ने मुझे लूटा है मेहमान बनके 


मतलब यही बताती है हर हुस्न की किताब 

मौसम पे तो काँटों पे भी आ जाता है सबाब 

छीला है कलेजा मेरा अहसान जताके 

लोगों ने मुझे लूटा है मेहमान बनाके 


मिलते ही मुझे जिंदगी बीमार हो गई 

चारागरो की हर दवा बेकार हो गई 

जीने की तमन्ना जगी समसान में जाके 

लोगों ने मुझे लूटा है मेहमान बनाके 

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