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100+ Best Anamika Amber jain heart touching shayari in Hindi

Anamika Amber jain shayari in Hindi

दूर अपने से किसी पल नही होने देता 

वो मुझे आँख से ओझल नही  होने देता 

जाने वो कौन सा किरदार है  जिसका किरदार 

इस कहानी को मुकम्मल नही होने देता 

जब वो लौटेगा सफर से मेरे घर आयेगा 

ये भरोसा मुझे पागल नही होने देता 

दिल की दहलीज में पसरा हुआ ये सन्नाटा 

शहर ऐ तन्हाई में हलचल नही होने देता 


 मेरे कॉलेज का एक लड़का जो लिख कर प्रीत देता था

वो दिल के साज को मेरे नया संगीत देता था

वो पागल था दीवाना था वो भोला था सयाना था

हमेशा हार कर मुझसे मुझे वो जीत लेता था 

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anamika amber jain shayari in hindi


नज़र भर देख लूँ उसको दुआ दिन रात करती थी,

मगर ज़ाहिर नहीं दिल के कोई जज़्बात करती थी,

यही था प्यार शायद चाँद तारों से अकेले में,

वो मेरी बात करता था मैं उसकी बात करती थी।


मोहब्बत के सफ़र को एक हँसी आग़ाज़ दे देना,

मेरा कल मुस्कुरा उठे तुम ऐसा आज दे देना,

वफ़ाएँ देख लेना तुम तुम्हारी प्यार की ख़ातिर,

चली आऊँगी मैं सब छोड़ कर आवाज़ दे देना।


Anamika jain amber Poems in hindi

शाम भी खास है वक़्त भी खास है,

मुझको एहसास है तुझको एहसास है,

इससे ज्यादा हमें और क्या चाहिए,

मैं तेरे पास हूँ तू मेरे पास है।


मैं तुझे जान लूँ, तू मुझे जान ले परे

मैं भी पहचान लूँ तू भी पहचान ले

है बहुत ही सरल प्रेम का व्याकरण

तेरी मैं मान लूँ मेरी तू मान ले


                Kumar Vishwas Shayari Collection 2021


चाँद बिन चाँदनी रात होती नहीं

ना हो बदल तो बरसात होती नहीं

शब्द मजबूर हैं, व्यक्त क्या क्या करें

प्रेम जब हो मुखर बात होती रहे


मेरा मन तू बने तेरा मन मैं बनूँ

ऐसे पूजूँ तुझे ख़ुद नमन मैं बनूँ

एक ही प्रार्थना है प्रभू से मेरी

हर जन्म में तेरी ही दुल्हन मैं बनूँ


anamika amber shayari

अनामिका जैन "अम्बर" शायरी

बंद पिंजरे के कैद परिंदे,

इक बार उड़ा कर तो देखो

ग़म छूमंतर हो जाएँगे,

मुस्कुरा कर तो देखो ।।


anamika amber jain shayari download

जो कानो तक नहीं पहुचे वो अल्फाज़ मत होना ,

जिसे दिल जान ना पाए कभी वो राज़ मत होना ,

है मुमकिन गलतियों से गलतियों का भी तोह हो जाना !

मुझे तुम कुछ भी कह लेना मगर नाराज़ मत होना…


प्रीत में इक रतन मैं जड़ूँ तुम जड़ो

एक नया व्याकरण मैं गढ़ूँ तुम गढ़ो

उलझनें सब  सुलझ जाएँगी पल में ही

ईक क़दम  ईक क़दम मैं बढ़ूँ तुम बढ़ो


अनमोल हूँ मैं तुम तो मेरा दाम नहीं हो

मैं जिसको याद रखूँ ऐसा नाम नहीं हो

मिल जाएँगी तुम्हारी गोपियाँ तुम्हें कहीं

मैं जिसकी राधिका हूँ तुम वो श्याम नहीं हो

anamika amber jain shayari in hindi


anamika jain amber ki kavita

ये दरिया भी नहीं लेकिन समंदर चाहिए इनको

ज़रा देखो अनामिका सा अंबर चाहिए इनको

बड़े करके जतान लड़की के मन को पहले

फिर उसके संग सहेली का भी नम्बर चाहिए इनको


मैं तेरे नाम हो जाऊँ तू मेरे नाम हो जाए

मैं तेरा दाम हो जाऊँ तू मेरा दाम हो जाए

ना राधा सा ना मीरा सा विरह मंज़ूर है मुझको

बनूँ मैं रुक्मणी तेरी तू मेरा श्याम हो जाए

anamika jain amber poems lyrics


जैसा तन दिख रहा वैसा मन कीजिए

ऐसा वैसा ना कोई जतन कीजिए

तीर्थ के दौर में प्रेम करते नहीं

ये उम्र है भजन की भजन कीजिए


अनामिका अम्बर जैन शायरी

नज़र अनजान भी रखना मगर पहचान भी रखना

करो मासूम शैतानी तो फिर ईमान भी रखना

खुले मन से नए रिश्तों का स्वागत भी करो लेकिन

ज़रूरी है बुज़ुर्गों का सदा सम्मान भी रखना


मेरे अन्दाज़ को अपना अलग अन्दाज़ दे देना

चली आऊँगी मैं सब छोड़ कर

तुम्हारे ही लिए ये गीत ये ग़ज़लें लिखी मैंने

सुनाती  हूँ तुम्हें तुम तालियों का आग़ाज़ दे देना


अनामिका अम्बर मुक्तक

मोहब्बत के सफ़र को एक हँसी आग़ाज़ दे देना

मेरा कल मुस्कुरा उठे तुम ऐसा आज दे देना

वफ़ाएँ देख लेना तुम तुम्हारी प्यार की ख़ातिर

चली आऊँगी मैं सब छोड़ कर आवाज़ दे देना


अगर है पास वो तो हिचकियाँ अच्छी नहीं लगती

बिना मौसम के बादल बिजलियाँ अच्छी नहीं लगती

मिले रेस्पॉन्स तो लड़के बहुत तारीफ़ करते हैं

जो ठुकरा दें उन्हें वो लड़कियाँ अच्छी नहीं लगती


मोहब्बत जिनको होती है मुक़द्दर रूठ जाता है

मुसाफ़िर संग जो चलता है सफ़र में छूट जाता है

दिलों से खेलने मत दो कभी नादान लोगों को

खिलोना काँच का है ये की अक्सर टूट जाता है

anamika amber jain shayari in hindi


anamika amber jain shayari in hindi

जो कानो तक नहीं पहुचे वो अल्फाज़ मत होना ,

जिसे दिल जान ना पाए कभी वो राज़ मत होना ,

है मुमकिन गलतियों से गलतियों का भी तोह हो जाना !

मुझे तुम कुछ भी कह लेना मगर नाराज़ मत होना


यह  दरिया भी नहीं लेकिन समंदर चाहिए इनको ,

जरा देखो anamika सा amber चाहिए इनको ,

बड़े करके जतन लड़की के मन को जीत ते पहले

फिर उसके संग सहेली का भी नंबर चाहिए इनको


किसी से मांगकर अपना गुज़ारा हम नही करते ,

निभाते है सभी वादे किनारा हम नही करते ,

खुदा ने जो दिया है रूप ये उसका ही जादू है

की लड़के खुद भटकते है इशारा हम नही करते


आज मंज़र खराब हो जाता ,

गर पुराना हिसाब हो जाता ,

ठीक है बात बढ़ नहीं पाई 

वरना तू बे नकाब हो जाता..


नहीं अपमान करना था , तुम्हे सम्मान रखना था ,

की रिश्तो की इबादत का कोई प्रतिमान रखना था,

नही जज्ती तुम्हारे कद में ये बाते जरा सुनलो ..

तुम्हे तो कृष्ण बनकर द्रोपदी का मान रखना था


बित्ते होकर खुदको गज का नाप समझने लगते हैं

ज़रा बड़े हो, बच्चे खुद को बाप समझने लगते है

इक दो चींटी जिनकी अंबर राह छोड़कर चली गयी

वही केंचुए अक्सर खुदको साँप समझने लगते हैं


भूल गये है कुछ लोग इस तरह

यकीन मानो यकीन नहीं आता

बेशक तेरे फ़ोन की कोई उम्मीद तो नहीं लेकिन

पता नहीं क्या सोचकर मैं आज भी नंबर नहीं बदलता


मुझसे खुशनसीब हैं मेरे लिखे ये लफ्ज

जिसके कुछ देर तक पढ़ेगी निगाहे तेरी


यूँ ज़िन्दगी में ऐसा ही क्यों होता है

जिससे हम बहुत प्यार करते है ज़िन्दगी उसे हमसे बहुत दूर कर देती है


बहुत डर लगता है उन लोगो से जो

बातों में मिठास और दिलो में जहर रखते हैं


वो आज फिर से मिले अजनबी बनकर

और हमें आज फिर से मोहब्बत हो गयी


सुना है मतलब बहुत वजनदार होता है

निकल जाने के बाद हर रिश्ते हल्का कर देता है



धोखा देने का शुक्रिया ऐ मेरे बिछड़े हुए हमसफ़र

वरना ज़िन्दगी का मतलब ही नहीं समझ में आता


जो धड़कन की भाषा सुना करती थी

वो आज नहीं सुनती सिसकियाँ मेरी


ऐसे माहोल में दवा क्या दुआ क्या है

जहां अपने ही पूछा हुआ क्या है हुआ क्या है


आरजू थी तेरी मोहब्बत पाने की

तूने तो नफरत के काबिल भी नहीं समझा


सांसों में भी शामिल हो लहू में भी रवा हो

मगर मेरे हाथो की लकीरो मे कहा हो


यूँ तो गलत नहीं होते अन्दाज़ चेहरों के

लेकिन लोग वैसे भी नहीं होते जैसे नज़र आते है



इश्क का धंधा ही बंद कर दिया साहेब

मुनाफे में जेब जले और घाटे में दिल


सुनो कोई टूट रहा है तुम्हे एहसास दिलाते दिलाते

सीख भी जाओ किसी की चाहत की कदर करना

दुनिया वाले प्यार को खुदा का दर्जा देते है

मैंने तो आज तक नहीं सुना खुआ ने बेवफाई की हो


ज़रा सी बात पर ना छोड़ना किसी का दामन

उम्रें बीत जाती हैं दिल का रिश्ता बनाने में


वो बे-दर्द गैरों में खुशियां मनाता रहा

और हमे अपनी ही हँसी के लिए तड़पाता रहा



हमारे देश में ज्यादा टार रिश्ते तो

उधार वापस न करने की वजह से टूट जाते है


अगर नींद आ जाये तो, सो भी लिया करो

रातों को जागने से, मोहब्बत लौटा नहीं करती


कुछ हार गयी तकदीर कुछ टूट गये सपने

कुछ गैरों ने किया बरबाद कुछ भूल गये अपने


दुसरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत ना थी

थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया


मेरी कोशिश कभी कामयाब ना हो सकी

पहले तुझे पाने की फिर तुझे भुलाने की


इतनी दिलक़श आँखें होने का

ये मतलब तो नही कि, जिसे देखो उसे बरबाद कर दो


मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी

जो लोग बात नही करते वो प्यार क्या करेंगे


चाहा था मुक्कमल हो मेरे गम की कहानी

मैं लिख ना सका कुछ भी तेरे नाम से आगे


तुम तो डर गए हमारी एक ही कसम से

हमें तो तुम्हारी कसम देकर हजारो ने लूटा है


हमे अक्सर उनकी जरूरत होती है

जिनके लिए हम जरुरी नहीँ होते


नाराजगी डर नफरत या फिर प्यार

कुछ तो जरुर है जो तुम मुझ से दूर दूर रहते हो


तू इतना प्यार कर जितना तू सह सके

बिछड़ना भी पड़े तो ज़िंदा रह सके

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