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मस्त शायरी, Mast shayari, बढ़िया शायरी, Badiya Shayari

मस्त शायरी, Mast shayari, बढ़िया शायरी, Badiya Shayari

अफ़सोस तो है तुम्हारे बदल जाने का मगर,

तुम्हारी कुछ बातों ने मुझे जीना सिखा दिया।


दिल से निकली है कुछ ऐसी आवाज़,

कहती है हमसे की ये है प्यार का आगाज़.

दिल का है कुछ अपना ही अंदाज़,

प्यार है इतना कि कम पड़ जायेगा आकाश.

Mast shayari, बढ़िया शायरी, Badiya Shayari


दिल तो है एक राही जाना, जिसकी तुम मंजिल हो,

दिल तो है एक कश्ती जाना, जिसकी तुम साहिल हो,

दिल न फिर कुछ मांगेगा जाना,

अगर तुम हांसिल हो


दिल तोड़ दिया, चिटा भी जला देना,

कफ़न न मिले दुपट्टा उड़ा देना,

कोई पूछे रोग क्या था तो,

नज़र झुका कर मोहब्बत बता देना.


दिल-इ-नादाँ था जो तुमसे प्यार कर बैठा,

खुली आँखों से तेरा ख्वाब देखा,

चाँद को अपनी तकदीर समाज,

ऐ बेवफा, आसमान को छूने चला….

Mast shayari, बढ़िया शायरी, Badiya Shayari


दिल-इ-नादाँ था जो तुमसे प्यार कर बैठा,

खुली आँखों से तेरा ख्वाब देखा,

चाँद को अपनी तकदीर समाज,

ऐ बेवफा, आसमान को छूने चला….


दिलों को खरीदने वाले हजार मिल जायेंगे,

आप को दगा देने वाले बार-बार मिल जायेगे,

मिलेगा न आपको हम जैसा कोई,

मिलने को तो दोस्त बेशुमार मिल जायेंगे.



दिन को चैन नहीं, रात को आराम नहीं,

न जी लगे कही, ऐ खुदा क्या यही प्यार है,

जवाब आया- अरे पागल, ये प्यार नहीं,

ये तो की गर्मी है.




दिया जलते है रौशनी देता है ,

फूल खिलते है खुस्भु देता है ,

कुछ करने की तमन्ना हो अगर दिल में ,

तो ज़मीन क्या आसमान बी साथ देता है



दूर होकर पास है तू

आँखों में पलती आस है तू

सांसों में ताजगी से

मुझ में घुलती सादगी से..


दूर ही सही किनारा तो है,

टिमटिमाते ही सही सितारा तो है,

हो जाती है तुम्हारी याद से ही तसल्ली,

तिनका ही सही सहारा तो है.


दूर ही सही, किनारा तो है…

टिमटिमाता ही सही, सितारा तो है..

हो जाती है तुम्हारी याद से ही तसल्ली..

तिनका ही सही… सहारा तो है..



दूर के नहीं, हम पर ही रहते हैं

दुश्मन भी नहीं दोस्त ही अपना कहते हैं

पर क्यों रहते हो अकसर हमसे खफा खफा

क्या हम आज भी बेगाने से लगते है


दोस्त दोस्त न रहा, प्यार प्यार ना रहा

जिस पे भी ऐतबार किया, वो बेवफा निकला,

जिनके साथ दोस्त बन रहा, वो दुश्मन निकले,

मेरा दोस्त ही मेरा प्यार ले उड़ा


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दोस्त हैं हम तुम्हारे दुश्मन नहीं,

सुनामी कहलो हमें धी नहीं,

बहा ले जायेंगे तुम्हे अपनी दोस्ती मैं,

मगर धुल आँखों में झोकेंगे नहीं



दोस्ती कर के कोई जताए ये जरुरी तो नहीं

यद् कर के कोई बताए ये जरुरी तो नहीं

रोने वाला दिल ही में रो ले तो आँख में

आंसू आए ये जरुरी तो नहीं



दोस्ती के लिए दीवाने चले आते है,

शमा के पीछे परवाने चले आते हैं,

तुम्हे याद न आयी पर आना मेरी मौत पर,

उस दिन तो बेगाने भी चले आते है.



दुनिया ने मेरे इश्क को बदनाम कर दिया,

मेरी तमाम हसरतों को नाकाम कर दिया,

वो बदन जो कभी मेरी बाहों की जानत था,

उस बदन को गैर के नाम कर दिया.


दूर हो गए हमारे चाहने वाले,

याद बहोत आये हमे भूलने वाले,

मिट गए थे हम जिनकी चाहत में

वो कभी लौट के नहीं हैं आने वाले…


दूरी हो तो एहसास होता है,

दोस्त क बिना जीवन कितना उदास होता है,

उम्र हो आपकी सितारो जितनी लम्बी,

ऐसा दोस्त कहाँ हर किसीक पास होता है?


दूसरों से बातें करते है,

आपको हर सांस के साथ याद करते है,

दूसरों को कर सकते हैं इंकार,

आपसे बात न करे तो हमारी परछाई करती है हमपे वार.

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दुवा करना यारो जुदा हो रहे है,

रही ज़िन्दगी तो फिर आकर मिलेंगे..

अगर मरगये तो दुआ करते रहना,

आसूं बहाने की कोशिश न करना


एक दिन तुज़से रूठकर देखना है

तेरे मानाने का अंदाज़ देखनाहै

अभी तो दो पल ही साथ चले है

कब तक साथ चलोगे वो एहसास देखना है


एक मुस्कान वो मुझे एक बार दे दे,

ख्वाब में ही सही एक दीदार दे दे,

बस एक बार करले हु आने का वादा

फिर उम्र भर का चाहे इंतज़ार दे दे.


एक आदमी पूरी जिंदगी सोचता रहा,

सोचता रहा, सोचता रहा और

सोचते-सोचते ही मर गया की

अगर मेरी बहन के 2 भाई है, तो मेरा एक कैसे?


एक अल्लर कूदि न दिल ल बैठे

इसके दे बज़े विच दिल न हार बैठे,

बस एक्को चाहत स हना न पाने डी,

जिन्हा न असि हाथो गवा बैठे


एक हंसी जो हँसा दे

एक आंसू जो रुला दे

एक आरज़ू जो जगा दे

हर आहट को आहात जो जान ले


एक ख्वाब सुहाना टूट गया

एक ज़ख्म अभी तक बाकी है

जो अरमा थे सब ख़ाक हुए

बस राख अभी तक बाकी है


एक नज़र से हमें भुलाना नहीं आता,

खुले नज़ारे पैर बंद रखना नहीं आता,

वक़्त होतो देखलो एक बार इस दिल को,

किसी नज़ारे को दूर करना नहीं आता,


एक पल एहसास बन के आते हो,

दुसरे पल ख्वाब बन के उड़ जाते हो

यह मालूम है की तन्हाई से डर है हमें,

फिर भी बार बार तनहा छोड़ जाते हो.


एक तनहा रात में आपकी याद आई,

तन्हाई मिटाने को हमने एक सिगरेट जलाई,

न जाने क्या क़यामत हो आयी,

धुए में भी आपकी तस्वीर नज़र आई.


हम मुरझाए फूलों को खिला देते है ,

भूली यादों को जगा देते है ,

एहसास होता नहीं सामने वालो को ,

हम उसी से उसी को चुरा लेते है .


हम ने जब कभी ख़ुशी महसूस की,

हर कदम पे आपकी कमी महसूस की,

दूर रह कर भी आपकी दोस्ती में कमी न आई,

यह बात हम ने दिल से महसूस की.


हम रोज ही तुमसे मिलते हैं,

मगर हाल-इ-दिल कह पाते नहीं

वो कौन सा ऐसा दिन है

जब तुम मुझे याद आते नहीं.



हम तो दिल देनेको तैयार बैठे हैं,

दर्दे मोहब्बत करने को तैयार बैठे हैं,

पर हाय रे मेरी किस्मत,

कोई दिल लेनेको ही तैयार नहीं.



इस प्यार में कोई मरा,

तो कोई घायल हो गया,

किसी ने दे दी जान,

तो कोई पागल हो गया.



इश्क़ कोई मंजिल नहीं

जीने का है रास्ता.

मई कोई साहिल नहीं.

लेकिन तुझसे है मेरा सिर्फ वास्ता…


कक्ष में हर पल सोचता हूँ कब

इस काश को हम सचाई बना पाएंगे

या यु ही अपने ज़िन्दगी को

एक काश बना कर छोड़ देंगे.


कहते है मुझको प्यार करना नै था,

क्या सबूत दू मेरे प्यार की,

उस की याद में हसना भूलगया,

उस की प्यार में खुद को पहचानना पाया…



खुश्बू बन कर मेरी साँसों में रहना,

लहू बन कर मेरी रगों में बहने,

हमारी दोस्ती बहुत अनमोल गहना है,

इस लिए कभी भी अलविदा न कहना.



खुशियाँ ढूँढने चला रास्ते पर,

ख़ुशी मिली मगर काट-काट कर,

हर ख़ुशी के पीछे एक बात सही थी,

हर ख़ुशी यी सौ गम लेकर.



किसी गीत का जो कवी मन से

चिड़ियों का जो नील गगन से

दूर देश का घर आँगन से

वह रिश्ता तेरा मेरा है.


कुछ इश्क़ था कुछ मजबूरी थी

सो मैंने जीवन वार दिया

मैं कैसा जिन्दा आदमी था

एक सकष नै मुझ को मार दिया


कुछ इस अदा से आज वो

कुछ इस अदा से आज वो 

पहलू नशीन रहे

जब तक हमारे पास रहे हम नहीं रहे


कुछ दूर हमारे साथ चलो

हम दिल की कहानी कह देंग

जो बात छुपाये है सबसे वो बात जुबानी कह देंगे

हम जिक्र करेंगे गैरों का और अपनी कहानी कह देंगे


कुछ कहा कुछ न कहा

कुछ दिल में रखा कुछ रह गया

बस यूं ही दिल की बातें हमारी हो गई ज़ाहिर

कुछ आँखों ने बयान कर दिया कुछ दिल कह गया..


कुछ किस्मत ही ऐसी रही दोस्तों,

की अब जिंदगी से कोई तमन्ना नहीं रही,

जिसको चाहा उसको पा न सके,

और जो मिला उसे मोहब्बत नहीं हुयी.


क्यों इतनी उदास है शाम

क्यों छाई यह छुपी है

किसका है इंतज़ार तुम्हे

किसकी याद सताती है


लोग हमारी बेबसी का मज़ाक बनाते रहे,

एक हम थे क मुस्कुराते रहे,

सरे बाज़ार बिक रही थी मोहब्बत,

एक हम थे क कीमत अपनी गिरते गए.


मै जिस क दिल की किताब बांटी

मै जिस की चाहत का खुवाब बनती

मई हिजर की लम्बी रातों मे,

याद बन कर, अज़ाब बनती


मैं इसलिए बैठता नहीं तनहा,

जाने कैसे तेरी याद चली आती है,.

लाख करता हूँ कोशिश की न रोऊँ,

पर महफ़िल में भी ये रुला जाती है

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मेरे दुःख की कोई दवा न करो,

मुझको मुझसे अभी जुदा न करो,

ये सिखाया है दोस्ती ने हमें,

दोस्त बनकर कभी दगा न करो


मेरे गमों की महफ़िल सजी है,

यह साज़िश अपनों ने ही रची है.

वो पूछते हैं मरहम कहाँ लगाएँ,

कैसे बताएं चोट दिल पपे लगी है…


मेरे जनाज़े मैं सब लोग निकले

सारा शहर पीछे निकला 

पर वो ही नहीं निकले

जिनके लिए मेरा जनाज़ा निकला.


मेरे मरने के बाद मेरे दोस्तों.

यूँ आंसू न बहाना,

अगर मेरी याद आये तो,

बस अपनी आँखें बंद कर लेना मेरा दीदार खुद हो जायेगा.



मेरे साजन प्यार मुझे भी,

कुछ कम नहीं है,

हो जाए दुश्मन सब मुझे,

इसका कोई गम नहीं है.



मेरी और उसकी आँखें

कितनी मिलती जुलती हैं

एक जैसी रंगत वाली हैं

फर्क है तो बस इतना सा

मेरी आँखों मे रंग है उसका

उसकी आँखें खोली हैं….



मेरी जवानी मेरी नहीं,

अब तेरी हो गयी है,

मेरी साँसे अब तुम्हारी,

साँसों में खो गयी है.


मेरी मोहब्बत की तक़दीर देखो,

जो रूठे थे उनके पैगाम आ रहे है,

जब मार डाला मेरी प्यास ने मुझको,

वो आँखों में लेकर जाम आ रहे है…



मेरी शादी होगी तो आपसे होगी,

ये मेरा वादा है,

मैं मर जाऊंगा तुम्हारे बिना,

ये मेरा इरादा है.


मेरी तस्सली के लिए मुस्कुराया तो करो,

फिजूल ही सही आँखे मिलाया तो करो,

इतनी भी दुश्मनी अच्छी नहीं होती,

कभी-कभी हमारी गली में भी आया तो करो.


मेरी याद जब भी उन्हें आती होगी,

हर लम्हा बस उन्हें रुलाती होगी,

कैसे भूल जाये उनकी चाहत को हम,

बस इंतज़ार हैं कही से तो आती होगी.



मिल जाती है कितनो को ख़ुशी ,

मिल जाता है कितनो को गम ,

सग्स इसलिए भेजते हैं हम ,

ताकि दूर रहकर भी ,

न हो हमारी दोस्ती कम .



मिले हो आप मुझे तो दूर नहीं जाना.

जिंदगी अकेला मुझे छोड़ मत जाना.

खता हो गयी तो माफ़ कर देना.

मगर दुसरे के सहारे छोड़ मत जाना…



मिलती नहीं रहना यहाँ

मंजिल तक पंहुचा कैसे

यकीं कोई करता नहीं

उसे यकीं दिलाऊं कैसे

अब तोह तनहा होगयी है ज़िन्दगी मेरी

इस ज़िंदगी को रोशन करूँ कैसे



मिट गयी जब हसरतो की दुनिया

तब कही जाकर उन्हें मेरा ख्याल आया,

लुट रहा था मेरा घर जब उसके सामने,

तब भी उन्हें जरा भी मलाल न आया



तेरी चाहत अब मेरी आँखों में है….. 

तेरी खुशबु मेरी साँसों में है…. 

मेरे दिल को जो घायल कर जाये…… 

ऐसी ऐडा सिर्फ तेरी बातों में ही है….


जीवन के हर मोड पर सुनेहरी यादों को रहने दो " 

जुबां पर हर वक्त मिंठास रहने दो 

ये अंदाज है जीने का ना खुद रहो उदास "

ना दुसरों को रहने दो 


नेक लोगों की संगत से

हमेशा भलाई ही मिलती हे

क्योंकि हवा जब फूलो से गुज़रती हे

तो वो भी खुश्बुदार हो जाती हे

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